कैंसर कंट्रोल करने की तैयारी:अमेरिका में ब्रेस्ट कैंसर की वैक्सीन का पहला ह्यूमन ट्रायल शुरू, दावा; इससे सबसे खतरनाक प्रकार ट्रिपल निगेटिव ब्रेस्ट कैंसर रोक सकेंगे

ज्‍योतिष या ज्यौतिष विषय वेदों जितना ही प्राचीन है। प्राचीन काल में ग्रह, नक्षत्र और अन्‍य खगोलीय पिण्‍डों का अध्‍ययन करने के विषय को ही ज्‍योतिष कहा गया था। ... (१) तन्त्र या सिद्धान्त - गणित द्वारा ग्रहों की गतियों और नक्षत्रों का ज्ञान प्राप्त करना तथा उन्हें निश्चित करना।

कैंसर कंट्रोल करने की तैयारी:अमेरिका में ब्रेस्ट कैंसर की वैक्सीन का पहला ह्यूमन ट्रायल शुरू, दावा; इससे सबसे खतरनाक प्रकार ट्रिपल निगेटिव ब्रेस्ट कैंसर रोक सकेंगे

ब्रेस्ट कैंसर पर रोक लगाने के लिए अमेरिका के क्लीवलैंड क्लीनिक ने इसकी वैक्सीन के पहले चरण की वैक्सीन का ट्रायल शुरू कर दिया है। इस ट्रायल की मदद से इस कैंसर के सबसे खतरनाक प्रकार ट्रिपल निगेटिव ब्रेस्ट कैंसर को कंट्रोल किया जा सकेगा।

अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन से वैक्सीन ट्रायल का अप्रूवल मिलने के बाद क्लीवलैंड क्लीनिक वैक्सीन कंपनी एनिक्सा बायोसाइंस के साथ मिलकर काम कर रही है। यह ट्रायल क्यों खास है और इसके क्या मायने हैं, जानिए इन सवालों के जवाब...

क्यों जरूरी है यह ट्रायल?
क्लीवलैंड क्लीनिक्स लर्नर रिसर्च इंस्टीट्यूट के इम्यूनोलॉजिस्ट और वैक्सीन तैयार करने वाले विंसेंट ट्यूओफी कहते हैं, नई वैक्सीन में ब्रेस्ट कैंसर को रोकने की क्षमता है। ब्रेस्ट कैंर के जितने भी मामले सामने आते हैं उनमें से 12 से 15 तक ट्रिपल-निगेटिव ब्रेस्ट कैंसर के मरीज होते हैं। यह ब्रेस्ट कैंसर का सबसे गंभीर प्रकार होता है। इसके मामले अधिक अफ्रीकन और अमेरिकन महिलाओं में दिखते हैं। इसलिए इसे कंट्रोल करने की जरूरत है।

क्या होगा इस पहले ह्यूमन ट्रायल में?
ट्रायल से पहले इस कैंसर से जूझने वाले 18 से 24 साल के मरीजों को यह वैक्सीन दी गई। इन मरीजों में ट्यूमर पूरी तरह से खत्म हो गए। इनमें दोबारा ट्यूमर होने का खतरा कितना है, इसे समझने के लिए नजर रखी जा रही है।

पहले चरण के ट्रायल में ट्रिपल-निगेटिव ब्रेस्ट कैंसर से जूझने वाली शुरुआती मरीजों को यह वैक्सीन दी जाएगी। कैंसर से लड़ने के लिए इनकी बॉडी में कितना इम्यून रिस्पॉन्स दिख रहा है, इसे समझा जाएगा।

पहले चरण के ट्रायल में शामिल मरीजों को तीन बार वैक्सीन की डोज दी जाएगी। 2 हफ्तों तक वैक्सीन के असर और साइड इफेक्ट पर नजर रखी जाएगी। यह पूरा ट्रायल सितम्बर 2022 तक पूरा होगा।