उत्तर प्रदेश: धार्मिक स्थलों से उतारे गए 11 हजार लाउडस्पीकर, 35 हजार तय डेसिबल लिमिट में लाए गए

ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लखनऊ में 2,395 और गोरखपुर में 1,788 लाउडस्पीकर हटाए गए, 2,395 loudspeakers removed in Lucknow and 1,788 in Gorakhpur to curb noise pollution

उत्तर प्रदेश: धार्मिक स्थलों से उतारे गए 11 हजार लाउडस्पीकर, 35 हजार तय डेसिबल लिमिट में लाए गए

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निदेर्शों का पालन करते हुए यूपी सरकार ने बुधवार शाम तक राज्य भर से 11 हजार अवैध और अनधिकृत लाउडस्पीकरों को हटा दिया। इसके अलावा राज्य भर में 35 हजार से अधिक लाउडस्पीकरों को तय डेसिबल लिमिट में लाया गया हैं। हटाए गए अधिकतर लाउडस्पीकर लखनऊ (2,395) और गोरखपुर (1,788) क्षेत्रों से थे। 2018 का एक मौजूदा सरकारी आदेश है, और ध्वनि डेसिबल सीमा और अदालत के निदेर्शों के लिए निर्धारित नियम हैं। जिलों को अब सख्ती के साथ इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

यूपी के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया, उन्हें 30 अप्रैल तक कार्यान्वयन के बारे में रिपोर्ट देने को कहा गया है। यूपी पुलिस के एडीजी (कानून और व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि करीब 11 हजार लाउडस्पीकर हटा दिए गए हैं और ड्राइव अभी भी जारी है। बातचीत के माध्यम से दिशानिदेर्शों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिससे सभी को जागरूकता के माध्यम से मानदंडों को समझा जा सके। कई लोगों ने अपने दम पर अनधिकृत लाउडस्पीकरों को हटा दिया है।

मुख्यमंत्री के आदेशों को लागू करने में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के बारे में पूछे जाने पर, कुमार ने कहा नियम यह है कि शोर या ध्वनि परिसर से बाहर नहीं जानी चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि किसी परिसर में पांच लाउडस्पीकर हैं, तो तीन लाउडस्पीकरों को हटाया जा सकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोग अपनी सामान्य धार्मिक गतिविधियों को भी करते रहें और ध्वनि परिसर तक ही सीमित रहे।

उन्होंने कहा कि सरकार की कार्रवाई के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें प्रभावित लोगों की स्वैच्छिक भागीदारी शामिल है। कहीं भी जबरदस्ती के साथ ऐसा नहीं किया जा रहा है। मंदिर हो, मस्जिद हो या गुरुद्वारे, लोग स्वेच्छा से ऐसा कर रहे हैं। हम उन्हें प्रतिकूल प्रभाव, अदालत के आदेशों और शोर के स्तर के बारे में बता रहे हैं।

लखनऊ स्थित सुन्नी मौलवी मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली और बलरामपुर के शक्ति पीठ देवीपाटन मंदिर के पुजारी मिथिलेश नाथ योगी उन धार्मिक नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने सरकार के कदम का समर्थन करते हुए अपील जारी की थी।

मौलाना खालिद ने कहा कि उन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र के तहत सभी मस्जिदों को अतिरिक्त लाउडस्पीकरों को हटाने और शेष उपकरणों की आवाज को सीमित करने के लिए कहा है। ये निर्देश अदालत के आदेशों का पालन कर रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों के लाभ के लिए किसी विशेष धर्म के खिलाफ नहीं बल्कि सभी के लिए हैं। यह हमारे और हमारे बच्चों के लिए और ध्वनि प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए फायदेमंद है। मेरी अपील है कि इस कानून का पूरी तरह से पालन करें।

मिथिलेश नाथ योगी ने कहा कि मंदिर से चार में से तीन लाउडस्पीकर हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा, सांप्रदायिक सद्भाव और क्षेत्र की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। हम सरकार के इस कदम का समर्थन कर रहे हैं, तेज आवाज से बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है और लोगों को सुबह जल्दी परेशानी होती है। इसलिए, हमारी अपील है कि सरकार के निदेर्शों का पालन करें, अतिरिक्त लाउडस्पीकर निकालें और बाकी में ध्वनि कम करें।