कानपुर हिंसा: मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी के खाते में 3 साल में जमा हुए 48 करोड़, विदेशी फंडिंग की आशंका

प्रवर्तन निदेशालय जल्द करेगा मामले की जांच, Enforcement Directorate will soon investigate the matter

कानपुर हिंसा: मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी के खाते में 3 साल में जमा हुए 48 करोड़, विदेशी फंडिंग की आशंका

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में 3 जून को नई सड़क इलाके में हुई हिंसा में पुलिस की कार्रवाई के बाद एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। अब मास्टरमाइंड जफर हाशमी के खाते में 48 करोड़ रुपए के लेनदेन के सबूत मिले हैं। यह रकम महज तीन साल में जमा हुई है। आशंका जताई जा रही है कि मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी और उसके साथियों को विदेश से फंडिंग की जा रही थी। 

सूत्रों के मुताबिक 2019 से हाशमी को विदेशों से फंडिंग हो रही थी। कानपुर के बाबूपुरवा इलाके के एक प्राइवेट बैंक में 2019 को एक खाता खोला गया। इस बैंक के अकाउंट नंबर 50014717838 में 30 जुलाई 2019 की तिथि में तीन करोड़ 54 लाख रुपये जमा किये गए। सितंबर 2021 को 98 लाख रुपया एक मुश्त निकाला गया। अभी इस खाते में एक करोड़ 27 लाख रुपये पड़े हैं।

दो और खाते मिले
इसी तरह अन्य दो और खातों की जानकारी जांच एजेंसियों को मिली है। इन खातों में महज दो तीन सालो में 47 करोड़ 68 लाख रुपयों का लेन देन हुआ है। अब इन खातों में महज साढ़े 11 लाख ही बचा है, जबकि ये खाते 2019 में ही खोले गए थे। अब पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है। जल्द ही प्रवर्तन निदेशायल इस मामले की जांच करेगा। इसके अलावा आज कानपुर पुलिस ने हाशमी की रिमांड भी मांगी है। अब तक इस मामले में 50 आरोपियों की गिरफ़्तारी हो चुकी हैं।

सोशल मीडिया पैर लोगों को भड़काने की कोशिश
इस बीच एक सोशल मीडिया ग्रुप भी सामने आया है जिसमें लोगों को भड़काने की कोशिश की जा रही है। कानपुर हिंसा मामले में जहां पुलिस सख्ती से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, वहीं एक बार फिर सोशल मीडिया के माध्यम से हिंसा भड़काने वाले लोग व्हाट्सएप ग्रुप पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं। हिंसा भड़काने के मामले में आरोपी नदीम कुरैशी के नाम से यह व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इस ग्रुप में समाजवादी पार्टी के 2 विधायकों हाजी इरफान सोलंकी जो सीसामऊ से विधायक हैं और अमिताभ बाजपेई जो आर्य नगर विधानसभा से विधायक हैं, उनके समेत सपा जिला अध्यक्ष इमरान को एडमिन बनाते हुए ग्रुप में एक धर्म विशेष के खिलाफ अभियान चलाते हुए उनकी दुकानों से सामान ना खरीदने का ऐलान किया गया है। अब इस व्हाट्सएप ग्रुप से शेयर किए गए आपत्तिजनक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसका संज्ञान सोशल मीडिया पर कार्रवाई करने वाली एसआईटी टीम ने लिया है।

सपा विधायक ने दी सफाई
इस व्हाट्सएप ग्रुप के मामले में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि कोई भी मुझे ग्रुप एडमिन बना सकता है। मैं तो अभी तक चुप था क्योंकि पुलिस अपना काम कर रही है। मैं आज पुलिस कमिश्नर से मिलकर निदोर्षों के खिलाफ कार्रवाई न हो इसकी मांग की जाएगी। दरअसल, आज दोनों विधायकों के खिलाफ एक पोस्टर भी लगाए गए थे। सपा विधायक ने इसे बीजेपी की साजिश करार दिया।