अमेरिका: टेक्सास के स्कूल में गोलीबारी, 19 बच्चों समेत 21 लोगों की मौत, तीन दिन का राजकीय शोक के साथ आधा झुका रहेगा देश का झंडा

राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा बंदूक रखने के कानून में होगा बदलाव, President Joe Biden said there will be a change in the law of possessing guns

अमेरिका: टेक्सास के स्कूल में गोलीबारी, 19 बच्चों समेत 21 लोगों की मौत, तीन दिन का राजकीय शोक के साथ आधा झुका रहेगा देश का झंडा

अमेरिका के टेक्सास में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां मंगलवार सुबह एक स्कूल में एक 18 वर्षीय युवक ने ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी। इस गोलीबारी में अब तक 21 लोगों की मौत हो गई। इनमें 18 बच्चे और तीन अन्य व्यक्ति शामिल हैं। वहीं हमलावर भी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मारा जा चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। इस घटना के चलते राजकीय शोक के साथ तीन दिन तक देश का झंडा झुका रहेगा। राष्ट्रपति ने स्कूल में हुई गोलाबारी को लेकर बंदूक रखने के कानून में बदलाव की बात की कही है। 

जो बाइडन ने जताया दुख

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस गोलीबारी की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रॉब एलीमेंट्री स्कूल की घटना काफी दुखद है। वहीं उन्होंने रॉब एलीमेंट्री स्कूल में गोलीबारी में मारे गए लोगों के सम्मान में सभी सैन्य और नौसेना के जहाजों, स्टेशनों सहित विदेशों में सभी अमेरिकी दूतावासों और अन्य कार्यालयों में 28 मई के सूर्यास्त तक आधा झंडा झुकाने का एलान किया। वहीं जो बाइडन ने टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट के साथ बात की, ताकि उन्हें स्कूल में हुई गोलीबारी के मद्देनजर सहायता की जा सके। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में, हमें पूछना होगा कि भगवान के नाम पर कब हम गन लॉबी के सामने खड़े होंगे और वह करेंगे जो करने की जरूरत है। उन्होंने कहा  माता-पिता अपने बच्चों को फिर कभी नहीं देख पाएंगे। अब तो कुछ करना ही पड़ेगा। आगे कहा कि हमें उन लोगों को बताने की जरूरत है जो इस तरह कानून के खिलाफ जाकर बंदूक उठाते हैं, हम इसे माफ नहीं करेंगे।

हिलेरी क्लिंटन ने कहा रोकी जाए हिंसा
टेक्सास में हुई गोलीबारी की घटना पर हिलेरी क्लिंटन ने भी बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि इस घटना पर विचार और प्रार्थना पर्याप्त नहीं हैं। कुछ वर्षों में हम पीड़ा से भरी चीखों का देश बनते जा रहे हैं। हमें बस ऐसे कानून निमार्ताओं की जरूरत है जो अमेरिका में बंदूक की हिंसा को रोकने के लिए तैयार हों।

टेक्सास के उवाल्डे शहर में हुई घटना
गवर्नर ग्रेग एबॉट ने कहा कि यह गोलीबारी की घटना 2012 सैंडी हुक प्राथमिक विद्यालय में हुई गोलीबारी की घटना से ज्यादा घातक है। उन्होंने बताया कि अभी यह घटना टेक्सास के छोटे से शहर उवाल्डे में हुई है। यहां लोगों की आबादी 20,000 से भी कम है।

बंदूकधारी का नाम सल्वाडोर रामोस था

टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट के अनुसार, बंदूकधारी का नाम सल्वाडोर रामोस था जो इसी इलाके का रहने वाला था। वहीं स्कूल में  सिर्फ 600 से कम छात्रों का नामांकन है। घायलों को एम्बुलेंस और बसों से अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल के मुताबिक इस घटना में एक 60 वर्षीय महिला भी गंभीर रूप से घायल हुई है, उसका इलाज जारी है। साथ ही अस्पताल ने कहा कि 10 साल की बच्ची की भी हालत गंभीर है।

हमलावर ने अपनी दादी को भी किया शूट
टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने कहा कि संदिग्ध की पहचान सल्वाडोर रामोस के तौर पर हुई है। वो युवाल्डे का ही रहने वाला है। अधिकारियों ने कहा कि संदिग्ध ने स्कूल में फायरिंग से पहले अपनी दादी को भी शूट किया। उसकी दादी को एयरलिफ्ट किया गया है, वो जिंदगी और मौत से जूझ रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फोटो
टेक्सास की घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक युवक की फोटो वायरल हो गई। यह इंस्टाग्राम पेज सल्वाडोर रामोस का बताया जा रहा है। इस पर एक युवक की मोबाइल के साथ फोटो है। इसके अलावा पेज पर राइफल की फोटोज भी पोस्ट की गई हैं। बताया जा रहा है कि यही टेक्सास फायरिंग का संदिग्ध है। हालांकि, अभी तक इस फोटोज की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह इंस्टाग्राम पेज भी शूटिंग के कुछ ही देर बाद हटा दिया गया।

2012 में भी हुई थी फायरिंग में 26 की मौत
टेक्सास के स्कूल में फायरिंग की यह घटना कनेक्टिकट में 2012 में हुई फायरिंग से मिलती हुई है। कनेक्टिकट के न्यूटाउन में सैंडी हुक एलिमेंट्री हाईस्कूल में 14 दिसंबर 2012 को 20 वर्षीय युवक ने फायरिंग की थी। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी, इनमें 20 बच्चे थे। यह अमेरिका के इतिहास की सबसे भयावह मास शूटिंग थी।