बालाघाट: तेंदूपत्ता फड़ में आग लगाने पहुंचे नक्सलियों से हॉक फोर्स की मुठभेड़, जान बचाकर जंगल में भागे

मुठभेड़ में 18 राउंड फायर, कोई हताहत नहीं, 18 rounds of fire in the encounter, no casualties

बालाघाट: तेंदूपत्ता फड़ में आग लगाने पहुंचे नक्सलियों से हॉक फोर्स की मुठभेड़, जान बचाकर जंगल में भागे

बालाघाट। मध्य प्रदेश में लंबे समय बाद एक बार फिर नक्सलियों की आहट सुनाई देने लगी है। प्रेदश का बालाघाट जिला नक्सलियों की आरामगाह बना हुआ है। जहां एक ओर छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की सफाई की बात कही जा रही है, तो वहीं ऐसे में नक्सलियों की मध्यप्रदेश में वापसी होती दिख रही है। जिले के लांजी थाना क्षेत्र के पित्तकोना चौकी क्षेत्र में गुरुवार रात नक्सली आग लगाने पहुंचे थे, तभी उनका हॉक फोर्स के जवानों से मुठभेड़ हो गई। हॉक फोर्स की फायरिंग से नक्सली अपनी जान बचाकर जंगल में भाग गए। 

दरअसल, नक्सली जिले के लांजी थाना क्षेत्र के पित्तकोना चौकी अंतर्गत चौरिया तेंदुपत्ता फड़ आग लगाने पहुंचे थे। तभी हॉकफोर्स के जवानों ने उन्हें ललकारा तो नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। हॉक फोर्स के जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की। इस दौरान दोनों ओर से करीब 18 राउंड फायर हुए। हालांकि, इस मुठभेड़ में कोई भी हताहत नहीं हुआ। ऐसे में एक बार फिर से जिले में नक्सलियों के मंसूबे नाकाम हो गए। 

अवैध वसूल नहीं होने पर आग लगाने पहुंचे
बताया जा रहा है कि मुठभेड़ के समय हॉक फोर्स की फायरिंग से बचकर अंधेरे का फायदा उठाकर नक्सली जंगल की ओर भाग निकले। वहीं जिले में मौजूदा समय में तेंदुपत्ता संग्रहण का कार्य जारी है। ऐसे में लगातार पुलिस की सर्चिंग के चलते नक्सलियों की अवैध वसूली नहीं हो पा रही है। माना जा रहा है इसी के कारण नक्सली बौखला रहे हैं। कहा जा रहा है कि वसूली के लिए ही 26 मई की रात्रि करीब 12 से 12.30 बजे के बीच 15 से 18 की संख्या में नक्सली पित्तकोना चौकी के चौरिया तेंदुपत्ता फड़ पर पहुंचे थे, यहां वे वसूली में विफलता के चलते आग लगाने के लिए आए थे, लेकिन यहां उनका सामना सुरक्षा में लगे तेंदुपत्ता फड़ के बाहर खड़े हॉक फोर्स के दस जवानों से हो गया।

हॉकफोर्स के जबावी फयरिंग की
बताया जाता है कि जवानों ने तेंदुपत्ता फड़ की ओर जा रहे लोगों को रोका था, ऐसे में नक्सलियों ने उनकी आवाज सुनकर फायरिंग शुरू कर दी। जिस पर जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की। इस दौरान हॉकफोर्स के जवानों ने 13 राउंड फायर किए। इस घटना में किसी भी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई। 

मलाजखंड, टांडा दलम सक्रिय
जिले के आदिवासी अंचल खासतौर पर दक्षिण बैहर, लांजी, किरनापुर क्षेत्र में मलाजखंड, टांडा दलम ज्यादा सक्रिय है। इसके अलावा दर्रेकसा दलम का भी मूवमेंट बना हुआ है। वहीं इन नक्सलियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए पुलिस लगातार सर्चिंग कर रही है।

जिले में चार दिनों में तीन घटनाएं
जिसके कारण नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दे पा रहे हैं। वहीं नक्सलियों को तेंदुपत्ता ठेकेदारों से मिलने वाली राशि भी नहीं मिल पा रही है। जिसके कारण नक्सली बौखलाकर तेंदुपत्ता फड़ों को जलाने का प्रयास कर रहे हैं। जिले में पिछले चार दिनों में तीन घटनाएं हो चुकी है। जिसमें वे एक घटना में अभी भी संशय बना हुआ है। हालांकि, पुलिस इन सभी मामलों की जांच कर रही है।

केस दर्ज, सर्चिंग जारी
बालाघाट एसपी समीर सौरभ ने बताया कि पित्तकोना चौकी के चौरिया तेंदुपत्ता फड़ में गुरुवार की रात्रि नक्सली आग लगाने की मंशा से पहुंचे थे। सुरक्षा में लगे हॉकफोर्स के जवानों से उनका आमना-सामना हो गया। इस दौरान करीब 18 राउंड फायरिंग हुई है। कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस लगातार सर्चिंग कर रही है। नक्सलियों के उनके मंसूबों पर कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। एसपी ने बताया कि इस मामले में लांजी थाने में नक्सलियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाएगी।