बेटी की शादी की दावत के लिए किया था हिरण और मोर का शिकार, आईजी को हटाया

शिकारी का छोटा भाई मृतक अवस्था में घर में मिला, सर्चिंग में जुटी पुलिस, Hunter's younger brother found dead in the house, police engaged in search

बेटी की शादी की दावत के लिए किया था हिरण और मोर का शिकार, आईजी को हटाया

गुना। जिले के आरोन के शहरोक के जंगल में काले हिरण के शिकारियों द्वारा एसआई समेत तीन पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। काले हिरणों और मोर का शिकार शादी की दावत के लिए किया गया था। दरअसल, एक बदमाश की बेटी की शादी थी। इसी शादी में वह मेहमानों को हिरण और मोरों का मांस परोसा जाना था। इसलिए उसने साथी शिकारियों को तैयार किया और देर रात आरोन थाना इलाके के जंगलों में वन्य जीवों को शिकार करने पहुंचा। इस मामले में सीएम शिवराज सिंह ने ग्वालियर आईजी अनिल कुमार शर्मा को हटा दिया है। उनकी जगह 1997 बैच के एडीजी डी. श्रीनिवास वर्मा को ग्वालियर जोन की कमान सौंपी गई है।

जानकारी के मुताबिक रात करीब 12 से 1 के बीच पुलिस ने देखा कि चार बाइक पर सात-आठ बदमाश जा रहे हैं। उनके पास बोरी में कुछ था। पुलिस ने उनकी घेराबंदी की तो आरोपियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग करना शुरू कर दिया। इस फायरिंग में आरोन थाने में पदस्थ एसआई राजकुमार जाटव , हवलदार संतराम मीना और आरक्षक नीरज भार्गव की गोलियां लगने से मौत हो गई।

मुठभेड़ के बाद पुलिस की इंसास लूटी
इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के गांव बिदोलिया को घेर लिया। पुलिस की टीम लगातार गांव और जंगल में सर्चिंग कर रही है। इस बीच एक आरोपी के घर से एक लाश मिली। यह लाश एक शिकारी के छोटे भाई नौशाद की निकली। पुलिस ने उसका पोस्टमॉर्टम कराया। इस पूरे मामले में पुलिस ने सात आरोपियों पर धारा 302, 307 वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। मुठभेड़ के बाद बदमाशों ने पुलिस की इंसास राइफल भी लूट ली और घायल साथियों को ले गए।

हिरण और मोर का पीएम
मुठभेड़ के बाद जब पुलिस ने मौके की तलाशी ली तो 4 काले हिरणों के सिर, धड़ और 1 मोर का शव मिला। पुलिस ने इनके भी पोस्टमॉर्टम कराए हैं।

आईजी को हटाया
इस मामले पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आक्रोष प्रकट किया है। उन्होंने ग्वालियर आईजी अनिल कुमार शर्मा को तत्काल हटा दिया। उन्होंने ट्वीट किए- गुना में शिकारियों का मुकाबला करते हुए हमारे पुलिस के जवानों ने शहादत दी है। अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी, जो इतिहास में उदाहरण बनेगी। सरकार ने मृतक पुलिसकर्मियों के परिजनों को एक-एक करोड़ देने की घोषणा की है। आईजी अनिल कुमार शर्मा की जगह एडीजी डी. श्रीनिवास वर्मा को ग्वालियर रेंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बता दें कि करीब चार माह पहले भी आईपीएस डी. श्रीनिवास वर्मा को ग्वालियर रेंज की कमान मिली थी, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते उनके स्थान पर आईजी अनिल कुमार शर्मा की ग्वालियर आईजी के तौर पर पोस्टिंग की गई थी।