कलियासोत पुल के पास सड़क धंसने पर इंजीनियर निलंबित, निर्माण एजेंसी ब्लैकलिस्ट

भोपाल मध्यप्रदेश के कई शहरों में 72 घंटे से लगातार हो रही बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। नदी-नाले उफनाकर सीमाएं तोड़ने लगे हैं।

कलियासोत पुल के पास सड़क धंसने पर इंजीनियर निलंबित, निर्माण एजेंसी ब्लैकलिस्ट

भोपाल मध्यप्रदेश के कई शहरों में 72 घंटे से लगातार हो रही बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। नदी-नाले उफनाकर सीमाएं तोड़ने लगे हैं।  तवा, नर्मदा, शिप्रा, बेतवा और पार्वती किनारे बाढ़ का खतरा है। इधर भोपाल-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 12 पर भोपाल और मंडीदीप के बीच कलियासोत पुल के पास सड़क बहने की घटना को सरकार ने गंभीरता से लेते हुए इंजीनियर एसपी दुबे को निलंबित कर दिया। साथ ही सड़क की गुणवत्ता का काम देखने वाली थीम इंजीनियरिंग कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया है।


 वहीं, निर्माण एजेंसी सीडीएस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई की जा रही है। तत्कालीन जिला प्रबंधक पवन अरोड़ा और सेवानिवृत्त सहायक महाप्रबंधक डीके जैन के विरुद्ध विभागीय जांच प्रारंभ कर दी है।  प्रमुख सचिव लोक निर्माण नीरज मंडलोई ने संपूर्ण मार्ग पर निर्मित संरचना की जांच आइआइटी रुड़की से दो माह में कराने के निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम ने सुरक्षा की दृष्टि से कटाव स्थल पर भराव का काम प्रारंभ कर दिया है। 

घटना सामने आने के बाद लोक निर्माण के मंत्री गोपाल भार्गव ने विभागीय अधिकारियों को समीक्षा करके दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। राष्ट्रीय राजमार्ग एवं परिवहन मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी के साथ निगम के प्रबंध संचालक शशांक मिश्रा और वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद आठ लेन सड़क में दुर्घटनाग्रस्त दो सर्विस लेन और दो मुख्य लेन का यातायात पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

मध्य प्रदेश में मानसून की लगातार बारिश होने से नदियों के साथ-साथ जलाशयों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। पश्चिम मध्य प्रदेश में अनुमान से 46% अधिक बारिश हुई है। इससे नदियों के जलस्तर बढ़ा हुआ है। प्रदेश के 15 से अधिक डेम में 70-90 प्रतिशत तक जल भराव हो चुका है।