गुना में शिकारियों ने की एसआई समेत 3 पुलिसवालों की गोली मारकर हत्या, काले हिरण मारकर ले जा रहे थे बदमाश, जंगल में मुठभेड़

सीएम ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक, गृहमंत्री ने कहा अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा, CM convenes high level meeting, Home Minister said criminals will not be spared

गुना में शिकारियों ने की एसआई समेत 3 पुलिसवालों की गोली मारकर हत्या, काले हिरण मारकर ले जा रहे थे बदमाश, जंगल में मुठभेड़

गुना। जिले के आरोन इलाके में शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात काले हिरण का शिकार कर रहे शिकारियों से पुलिस की मुठभेड़ हो गई। इसमें शिकारियों ने एक एसआई समेत तीन पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी। इस हमले में पुलिस ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हुआ है। जबकि पुलिस फायरिंग में एक शिकारी ढेर हो गया। तीनों अधिकारी व पुलिसकर्मियों के शव जिला अस्पताल लाए गए हैं। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। वहीं गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कोई भी अपराधी बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने शहीद एसआई और दोनों पुलिसकर्मियों के परिजनों को को एक-एक करोड़ की सहायता राशी देने की घोषणा की है।

एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार देर रात आरोन थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि सगा बरखेड़ा की तरफ मौनवाड़ा के जंगल में कुछ शिकारी काले हिरण का शिकार कर रहे हैं। इसके बाद थाना के एसआई राजकुमार जाटव, हवलदार नीजर भार्गव, आरक्षक संतराम मीणा समेत सात पुलिसकर्मी  दो चार पहिया वाहन और एक बाइक से जंगल की ओर रवाना हुए। इसी दौरान पुलिस टीम को चार बाइक पर शिकारी आते हुए दिखाई दिए। इनमें से दो को पुलिस ने दबोच लिया। तभी पीछे से आए उनके अन्य साथियों ने अपने साथियों को छुड़ाने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जबाव में पुलिस ने भी फायरिंग की। 

एसआई समेत तीन पुलिसकर्मी शहीद
शिकारियों से हुई मुठभेड़ में आरोन थाना में पदस्थ एसआई राजकुमार जाटव, हवलदार नीरज भार्गव और आरक्षक संतराम मीणा की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शहीद हुए एसआई, हवलदार और आरक्षक को करीब सात से आठ गोलियां लगी हैं। 

शिकार छोड़कर भागे शिकारी
पुलिस से हुई मुठभेड़ और पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर शिकारी अपने साथियों को मुक्त करा कर भाग निकले। इनमें से एक पुलिस की जबावी कार्रवाई में मारा गया। घटना के बाद शिकारी पांच काले हिरण और एक मोर के अवशेष छोड़कर भाग निकले। जिन्हें पुलिस ने जब्त किया है। 

गृह मंत्री बोले- ऐसी कार्रवाई करेंगे, जो नजीर बनेगी
गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने शनिवार सुबह घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि जिले के पुलिस अधीक्षक और डीजीपी से घटना की जानकारी ली है।  हमारे परिवार के तीन जांबाज सदस्यों की मौत हो गई। अपराधी कोई भी हो, पुलिस से बचके जा नहीं सकते। कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सख्त से सख्त कार्रवाई हमलावरों पर की जाएगी। ऐसी कार्रवाई करेंगे, जो नजीर बनेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद घटना की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

सीएम ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक
गुना जिले में काले हिरण का शिकार करने वाले आधा दर्जन से ज्यादा शिकारियों द्वारा पुलिस टीम पर हमला कर एक एसआई और दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या के मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार सुबह निवास पर आपात उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री निवास में सुबह इस बैठक में गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा जी, सीएस, डीजीपी (भोपाल में न होने के कारण वर्चुअली जुड़ेंगे), एडीजी इंट, पीएस गृह, पीएस मुख्यमंत्री सहित पुलिस के बड़े अधिकारी रहेंगे उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही गुना प्रशासन के बड़े अधिकारी बैठक से वर्चुअली जुड़ेंगे।

शहीदों को एक-एक करोड़ की सहायता
गुना की गोलीबारी में शहीद हुए पुलिस के तीनों अधिकारी/ कर्मचारियों के परिजनों को सरकार ने एक-एक करोड़ रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। शहीदों के अंतिम संस्कार में जिलों के प्रभारी मंत्री शामिल होंगे। 

नेता प्रतिपक्ष बोले- गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए
नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह बोले- गुना की घटना दुखद है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वह पुलिस को ही नहीं छोड़ रहे। गुना की घटना के बाद तो गृह मंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।