कपिल सिब्बल ने चुपचाप छोड़ी कांग्रेस, अखिलेश की मदद से राज्यसभा जाएंगे, पर्चा भरा

सिब्बल कांग्रेस के उन 23 बागी नेताओं में शामिल थे जिन्होंने पार्टी में बदलाव की मांग की थी, Sibal was among 23 rebel Congress leaders who demanded a change in the party.

कपिल सिब्बल ने चुपचाप छोड़ी कांग्रेस, अखिलेश की मदद से राज्यसभा जाएंगे, पर्चा भरा

नई दिल्ली। दिग्गज नेता और देश के जाने-माने वरिष्ठ कपिल सिब्बल ने कांग्रेस पार्टी को छोड़ दिया है। कांग्रेस के जी-23 के प्रमुख बागी रहे सिब्बल खुद कांग्रेस छोड़ने का आज ऐलान किया। सिब्बल ने तो गांधी परिवार को कांग्रेस से हटने और नए नेतृत्व का मार्ग प्रशस्त करने की मांग कर दी थी। उनके इस बयान के बाद अशोक गहलोत ने निशाना साधा था। अब सिब्बल ने कांग्रेस से अलग राह चुन ली है। हालांकि, उन्होंने कहा कि 31 साल का कांग्रेस का साथ छोड़ना इतना आसान नहीं था। वह फिलहाल समाजवादी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा जा रहे हैं। उन्होंने औपचारिक तौर पर एसपी की सदस्यता नहीं ली है। गौरतलब है कि एसपी नेता आजम खान ने हाल के दिनों में सिब्बल की जमकर तारीफ की थी। तभी से ये कयास लगने लगे थे कि पार्टी उन्हें राज्यसभा का टिकट दे सकती है।

सिब्बल ने आजम का जताया आभार
समाजवादी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा का नामांकन भरने के बाद कपिल सिब्बल ने कहा कि मैंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए नामांकन भरा है। मैं अखिलेश यादव का आभारी हूं कि उन्होंने मेरा समर्थन किया। मैं आजम खां के प्रति भी आभार प्रकट करता हूं। बता दें कि इससे पहले, मंगलवार को सपा के कद्दावर नेता आजम खां ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि यदि पार्टी सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता कपिल सिब्बल को राज्यसभा भेजती है तो अच्छी बात है। कपिल सिब्बल को राज्यसभा भेजे जाने से मुझे सबसे ज्यादा खुशी होगी। इससे पहले भी वह कपिल सिब्बल की तारीफ करते हुए उनके प्रति आभार जता चुके हैं।

16 मई को कांग्रेस से इस्तीफा
कपिल सिब्बल ने आज लखनऊ में राज्यसभा उम्मीदवार का पर्चा भरने के बाद कहा कि उन्होंने 16 मई को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा कि बतौर निर्दलीय वह समाजवादी पार्टी की मदद से एकबार फिर यूपी से राज्यसभा जा रहे हैं।

31 साल बाद 'हाथ' का साथ छोड़ना आसान नहीं
सिब्बल ने कहा कि वह कांग्रेस के बारे में कुछ नहीं कहेंगे। उन्होंने कहा, मैंने इस्तीफा दे दिया है तो मेरे लिए कांग्रेस के बारे में कुछ कहना उचित नहीं होगा। कांग्रेस का 30-31 साल का साथ छोड़ना इतना आसान नहीं था।

निर्दलीय बन सरकार को घेरेंगे
यहां गौर करने वाली बात ये है कि सिब्बल ने औपचारिक तौर पर समाजवादी पार्टी का दामन नहीं थामा है। उन्होंने निर्दलीय पर्चा भरा है। एसपी के समर्थन से वह राज्यसभा जा रहे हैं। पर्चा भरने के बाद सिब्बल ने कहा, हम विपक्ष का गठबंधन बनाना चाहते हैं।

मोदी सरकार पर साधा निशाना
सिब्बल ने कहा कि हम विपक्ष में रहकर मोदी सरकार का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि 2024 चुनाव से पहले हम मोदी सरकार की कमियों और खामियों को जनता के बीच ले जाएंगे। हम जनता तक विपक्ष की बात पहुंचाएंगे।

उदयपुर चिंतन शिविर के लिए आया था बुलावा
गौरतलब है कि सिब्बल को हाल ही में राजस्थान के उदयपुर में आयोजित चिंतन शिविर में बुलाया गया था। लेकिन जी-23 के बागी रहे सिब्बल वहां नहीं गए थे। तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि वह पार्टी छोड़ सकते हैं।

जी-23 ने दी थी कांग्रेस नेतृत्व को चुनौती
जी-23 कांग्रेस के पार्टी नेताओं का एक समूह है। इन नेताओं ने पिछले साल पार्टी नेतृत्व और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए सोनिया गांधी को खत लिखा था। इन नेताओं ने जल्द से जल्द संगठन चुनाव कराने की मांग की थी। इसमें कपिल सिब्बल, गुलाम नबी आजाद समेत कई बड़े दिग्गज कांग्रेसी नेता शामिल थे।