मप्र में घूसखोरों पर चला लोकायुक्त का डंडा

मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार कैसे अपना पैर पसार रहा है इसकी एक बानगी आज हम आपको बताने जा रहे है। अलग-अलग जिलों से 3 लोगों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। छिंदवाड़ा और जबलपुर जिलों में आदिवासी विकास विभाग के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। वहीं गुना जिले में एक पंचायत सचिव को अरेस्ट किया गया है।

मप्र में घूसखोरों पर चला लोकायुक्त का डंडा


भोपाल। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार कैसे अपना पैर पसार रहा है इसकी एक बानगी आज हम आपको बताने जा रहे है। अलग-अलग जिलों से 3 लोगों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। छिंदवाड़ा और जबलपुर जिलों में आदिवासी विकास विभाग के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। वहीं गुना जिले में एक पंचायत सचिव को अरेस्ट किया गया है।
   लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक (एसपी) संजय साहू ने बुधवार को बताया कि लोकायुक्त पुलिस के दस्ते ने छिंदवाड़ा में आदिवासी विकास  विभाग की लेखाकार संगीता झाड़े तथा जबलपुर में कंप्यूटर आपरेटर मनीष परते  को रिश्वत लेते हुए पकड़ा। उन्होंने कहा कि सोनपुर के आदिवासी  छात्रावास में तैनात चतुर्थ श्रेणी के एक कर्मचारी के पुत्र ने शिकायत की थी कि झाड़े ने आधिकारिक रिकॉर्ड में उसकी जन्मतिथि सही करने के लिए 80  हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
    
अधिकारी ने कहा कि योजना बनाकर  लेखाकार झाड़े को आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त कार्यालय में 25  हजार रुपये रिश्वत की पहली किश्त लेते हुए पकड़ा गया। उन्होंने  बताया कि जबलपुर में लोकायुक्त पुलिस के दस्ते ने विभाग के उपायुक्त  कार्यालय में सहायक ग्रेड-3 कंप्यूटर आपरेटर को नियुक्ति आदेश जारी करने के  लिए एक व्यक्ति से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
     
अधिकारी के मुताबिक पड़ोसी मंडला जिले के टिकरिया गांव के शिकायतकर्ता पवन झरिया का चयन एक प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से शिक्षक ग्रेड-2 के पद पर हुआ था, लेकिन आरोपी अधिकारी ने उसका नियुक्ति आदेश जारी करने के लिए पांच  हजार रुपये की मांग की थी। अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की  कानूनी कार्रवाई की जा रही है।