केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने लगाई फटकार, बोले- मौलवी कुरान के खिलाफ कर रहे महिलाओं का दमन

इस्लामिक शिक्षा बोर्ड समस्था के उपाध्यक्ष एमटी अब्दुल्ला मुसलियार ने एक लड़की को अपमानित किया, MT Abdullah Musaliar, Vice President of Islamic Education Board Samastha humiliated a girl

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने लगाई फटकार, बोले- मौलवी कुरान के खिलाफ कर रहे महिलाओं का दमन

देश के मौलवी कुरान और संविधान के प्रावधान व निदेर्शों के खिलाफ महिलाओं का दमन कर रहे हैं। यह बात केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कही। उन्होंने कहा कि भले ही कोई कितना भी बड़ा आदमी हो, कानून उसपर भी लागू होता है। लोकतंत्र में सिर्फ कानून का राज मायने रखता है। दरअसल, मल्लापुरम जिले में एक मदरसे के उद्घाटन के दौरान स्टेज पर एक मुस्लिम लड़की को सम्मानित करने के लिए बुलाए जाने पर मुस्लिम विद्वान व इस्लामिक शिक्षा बोर्ड समस्था के उपाध्यक्ष एमटी अब्दुल्ला मुसलियार ने आयोजकों को डांटते हुए लड़की को अपमानित किया।

बता दें कि इस्लामिक शिक्षा बोर्ड, समस्था की तरफ से केरल में करीब 10 हजार मदरसों का संचालन किया जाता है और इसके उपाध्यक्ष एमटी अब्दुल्ला मुसलियार केरल की राजनीति में खासा दखल रखते हैं। मल्लापुरम जिले में एक मदरसे के उद्घाटन के दौरान स्टेज पर एक मुस्लिम लड़की को सम्मानित करने के लिए बुलाए जाने पर मुस्लिम विद्वान व इस्लामिक शिक्षा बोर्ड समस्था के उपाध्यक्ष एमटी अब्दुल्ला मुसलियार ने आयोजकों को डांटते हुए लड़की को अपमानित किया।

मुस्लिम विद्वान ने कहा- पिता को बुलाते 
कक्षा 10 की छात्रा के अपमान का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना है, जिसमें एमटी अब्दुल्ला मुसलियार कहते दिख रहे हैं कि आखिर उनकी मौजूदगी में संस्था के नियमों के खिलाफ लड़की को स्टेज पर क्यों बुलाया गया, अगर लड़की को सम्मानित करना था, तो उसके पिता को स्टेज पर बुलाना चाहिए था। वीडियो में आयोजक ने माफी मांगते दिख रहा है। इस घटना के दौरान इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता पनक्कड़ सैयद अब्बास अली शिहाब थंगल भी मंच पर मौजूद थे।

होनहार होना गुनाह बन गया
घटना की निंदा करते हुए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने ट्वीट कर कहा, मौलवियों की तरफ से मुस्लिम महिलाओं के दमन का यह एक और उदाहरण है। इस घटना पर राज्य और राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक नेतृत्व की खामाशी निराशाजनक है। जबकि, सभी दलों को बेटियों के सम्मान की रक्षा के लिए आगे बढ़कर इस घटना की निंदा करनी चाहिए। उस लड़की का सिर्फ यही कसूर है कि वह होनहार है और मुस्लिम परिवार में पैदा हुई है। जबकि, कुरान और संविधान दोनों ही महिलाओं के सम्मान की बात करते हैं।

बच्ची को अपमानित करने का हक नहीं
इस्लामिक शिक्षा बोर्ड, समस्था की तरफ से केरल में करीब 10 हजार मदरसों का संचालन किया जाता है और इसके उपाध्यक्ष एमटी अब्दुल्ला मुसलियार केरल की राजनीति में खासा दखल रखते हैं। इसे लेकर आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि भले ही कोई कितना भी बड़ा आदमी हो, कानून उसपर भी लागू होता है। लोकतंत्र में सिर्फ कानून का राज मायने रखता है। एक व्यक्ति लाखों मदरसे चलाता हो, लेकिन इससे वह एक बच्ची को अपमानित करने का हक हासिल नहीं कर सकता।