फर्जी छापा: मुंब्रा के 6 करोड़ की लूट मामले में एनआईए करेगी जांच, 10 पुलिसवाले सस्पेंड

पुलिसवालों ने जांच और कार्रवाई का डर दिखाकर मांगी थी फिरौती, Policemen had demanded ransom by showing fear of investigation and action

फर्जी छापा: मुंब्रा के 6 करोड़ की लूट मामले में एनआईए करेगी जांच, 10 पुलिसवाले सस्पेंड

मुंबई। मुंब्रा के एक खिलौना व्यापारी के घर पुलिसवालों द्वारा फर्जी छापा मारकर 6 करोड़ की रकम लूट के मामले में पूरे महाराष्ट्र में हड़कंप मचा दिया है। थाने शहर के पुलिस कमिश्नर जयजीत सिंह ने छापे की झूठी कार्रवाई करने वाले 10 पुलिसवालों को निलंबित कर दिया है। निलंबित किये गए 10 पुलिसवालों में 1 पुलिस इंस्पेक्टर, 2 सब इंस्पेक्टर और 7 कॉन्स्टेबल शामिल है। माना जा रहा है कि खिलौना व्यापारी अपने बिजनेस के आड़ में हवाला ऑपरेटर का काम करता था। इस कारण एनआईए भी मामले की जांच कर सकती है।

बता दें कि थाने शहर से सटे मुंब्रा के बॉम्बे कॉलोनी इलाके में रहने वाले खिलौना व्यापारी फैजल मेमन के घर रात साढ़े बारा बजे मुंब्रा पुलिस ने फर्जी छापा मारा और घर से 30 बॉक्स जब्त कर लिए। हर बॉक्स में एक करोड़ की कैश रखा हुआ था। यह कैश पुलिस की गाड़ी में रखकर पुलिसवाले मुंब्रा पुलिस स्टेशन ले आये और इस कैश को सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर के केबिन में गिना गया।

6 करोड़ की फिरौती ली
छापे की कार्रवाई के बाद वहां पहुंचे फैजल मेमन को पुलिस ने जांच और कार्रवाई का डर दिखाकर 30 करोड़ के बदले फिरौती मांगी। फैजल ने 2 करोड़ कबूल भी किये, लेकिन लालची पुलिसवालों का मन नहीं भरा और उन्होंने 6 बॉक्स जिनमें 6 करोड़ रुपये थे, उसे अपने पास रखा और 24 बॉक्स वापस कर दिए।

पुलिस कमिश्नर और गृह विभाग से शिकायत
लेकिन इब्राहिम शेख नामक एक व्यक्ति ने इस लूट की जानकारी थाने पुलिस कमिश्नर और गृह विभाग को खत लिखकर बतायी। पुलिस ने इस मामलें में डीसीपी अविनाश अंबुरे के नेतृत्व में जांच बिठाई, जिसमें यह 10 पुलिसवालों को दोषी पाया गया। फर्जी छापे के बाद 30 करोड़ की कैश को मुंब्रा पुलिस स्टेशन में लाने का सीसीटीवी फुटेज भी मीडिया में वायरल हुआ। पुलिस को शक है कि खिलौना व्यापारी फैजल खान अपने बिजनेस के आड़ में हवाला ऑपरेटर का काम करता था, इसलिए मामलें में एनआईए भी अपनी अलग से जांच कर सकती है।

ये पुलिसवाले हुए निलंबित
खिलौना व्यापारी के यहां फर्जी छापे मारने और फिरौती के तौर पर 3 करोड़ की वसूली करने के मामले में निलंबित किये गए 10 पुलिसवालों में पुलिस इंस्पेक्टर क्राइम गीतराम शेवाले, सब इंस्पेक्टर हर्षद काले और रविराज मदने के अलावा पुलिस कांस्टेबल पंकज गायकर, जगदीश गावित, दिलीप किरपण, प्रविण कुंभार, अंकुश वैद्य, ललित महाजन और नीलेश सालुंखे शामिल है।