महाविद्यालयों में रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए जरूरी नहीं होगी विभाग की एनओसी 

उद्योग विभाग की अनुशंसा पर मुख्य रूप से 10 नए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का निर्माण किया जा रहा है, Mainly 10 new vocational courses are being created on the recommendation of the Industries Department.

महाविद्यालयों में रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए जरूरी नहीं होगी विभाग की एनओसी 

भोपाल। प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों को संचालित करने के लिए संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) प्राप्त किए जाने की जरूरत नहीं होगी। इसके साथ ही महाविद्यालयों में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए संबंधित विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम के लिए अध्यादेश होने पर अन्य मापदंडों का परीक्षण करते हुए नियमानुसार अनापत्ति प्रमाण-पत्र उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त द्वारा जारी किया जाएगा। यह बात उच्च शिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव ने मंगलवार को विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम का संचालन आवश्यकतानुसार केंद्रीय विनियामक संस्थानों की अनुमति एवं संबंधित विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त होने पर किया जा सकेगा।

ई-कंटेंट भी हिंदी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध
उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव शैलेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि पशुपालन, डेयरी टेक्नोलाजी, फैशन टेक्नालाजी, कृषि, अभियांत्रिकी और ऐसे अन्य रोजगारपरक क्षेत्रों के पाठ्यक्रम उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत विश्वविद्यालयों से संबद्धता प्राप्त महाविद्यालयों में स्व-वित्तीय आधार पर संचालित किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के लिए 82 विषय के एकीकृत पाठ्यक्रम का निर्माण हिंदी एवं अंग्रेजी भाषा में किया गया है। विद्यार्थियों को विभागीय पोर्टल से ई-कंटेंट भी हिंदी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2022-23 में उद्योग विभाग की अनुशंसा पर मुख्य रूप से 10 नए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का निर्माण किया जा रहा है।

प्राध्यापकों को दी जाएगी एनएसएस, एनसीसी की ट्रेनिंग
उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त दीपक सिंह ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव पर संभागवार कार्यक्रम किए जाएंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में एनएसएस/एनसीसी को पाठ्यक्रम के रूप में शामिल किया गया है। इसमें प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी आवश्यक होगी। प्राध्यापकों को एनएसएस, एनसीसी की ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में एक लाख 53 हजार 700 स्वयंसेवकों की संख्या आवंटित है, जिसमें 1753 इकाइयां प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में संचालित है। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा एनएसएस के विस्तार के लिए 250 अतिरिक्त इकाइयों का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है।