सीहोर सहित प्रदेश के निजी अस्पतालों की होगी जांच

भोपाल। जबलपुर के निजी अस्पताल में आग लगने से आठ लोगों की मौत के बाद प्रदेश सरकार सख्त हो गई है।  अब इस घटना में लापरवाही बरतने वाले सीएमएचओ और फायर सेफ्टी आफिसर पर गाज गिर गई है। इधर अब मुख्यमंत्री शिवराज के आदेश के बाद सीहोर सहित प्रदेश के जिलों के ऐसे निजी अस्पताल जिसमें अग्नि सुरक्षा व्यवस्था के साधन नहीं है उनकी जांच होगी और यदि लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।

सीहोर सहित प्रदेश के निजी अस्पतालों की होगी जांच

जबलपुर निजी अस्पताल अग्निकांड के बाद सरकार सख्त

जबलपुर अग्नि दुर्घटना बेहद दुखद, ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों : मुख्यमंत्री  चौहान
भोपाल। जबलपुर के निजी अस्पताल में आग लगने से आठ लोगों की मौत के बाद प्रदेश सरकार सख्त हो गई है।  अब इस घटना में लापरवाही बरतने वाले सीएमएचओ और फायर सेफ्टी आफिसर पर गाज गिर गई है। इधर अब मुख्यमंत्री शिवराज के आदेश के बाद सीहोर सहित प्रदेश के जिलों के ऐसे निजी अस्पताल जिसमें अग्नि सुरक्षा व्यवस्था के साधन नहीं है उनकी जांच होगी और यदि लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जबलपुर के न्यू लाइफ हॉस्पिटल में हुई अग्नि दुर्घटना बेहद दुखद है। ऐसी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ कि इस तरह की घटनाएँ प्रदेश में दोबारा न हों, घटना में दोषी पाए गए अस्पताल प्रबंधन पर गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री चौहान ने घटना के जिम्मेदार सीएमएचओ और फायर सेफ्टी आॅफिसर को निलंबित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री   चौहान आज मंत्रालय में जबलपुर में हुई अग्नि दुर्घटना की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा कर रहे थे। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री   भूपेंद्र सिंह, चिकित्सा शिक्षा मंत्री   विश्वास सारंग, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री   ओ.पी.एस. भदौरिया, मुख्य सचिव   इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य   मोहम्मद सुलेमान सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कमिश्नर जबलपुर और जिला प्रशासन के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।


 पूरे प्रदेश में अस्पतालों की जाँच कराई जाए
मुख्यमंत्री   चौहान ने कहा कि जबलपुर सहित पूरे प्रदेश में अस्पतालों की जाँच कराई जाए। अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में कमी पाए जाने पर अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त करें। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाएँ रोकने के लिए फायर एनओसी, बिल्डिंग परमीशन और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी जरूरी है।

 घटना से सीख लेकर अग्नि सुरक्षा नीति में परिवर्तन करने के लिए तत्कालीन और दीर्घकालीन कदम उठाए जाएँ। 
मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि घटना से सीख लेकर अग्नि सुरक्षा नीति में परिवर्तन करने के लिए तत्कालीन और दीर्घकालीन कदम उठाए जाएँ। अग्नि सुरक्षा के लिए अस्पताल, होटल और मल्टी भवनों पर एक समान नियम लागू करने की कार्यवाही करें। उन्होंने संबंधित विभागों को संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।