यूपी पुलिस का अगला मुखिया कौन? मुकुल गोयल के हटते ही 5 अफसरों में शुरू हुई डीजीपी बनने की रेस 

नए डीजीपी की रेस में सबसे आगे 1987 बैच के आईपीएस आरपी सिंह का नाम, 1987 batch IPS RP Singh's name in front of new DGP race

यूपी पुलिस का अगला मुखिया कौन? मुकुल गोयल के हटते ही 5 अफसरों में शुरू हुई डीजीपी बनने की रेस 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस का मुखिया कौन होगा। यह सवाल प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। डीजीपी मुकुल गोयल को हटाए जाने के बाद अब प्रदेश के अगले पुलिस महानिदेशक की रेस भी शुरू हो गई है। इस रेस में 5 सीनियर आईपीएस शामिल हैं। इन में से टॉप थ्री में हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार ने शासकीय और विभागीय कार्यों की अवहेलना और पुलिसिंग में ध्यान नहीं देने की वजह से मुकुल गोयल को नियुक्ति के महज 11 महीने के अंदर ही हटा दिया।

बता दें कि लोक सेवा आयोग की वरिष्ठता सूची के मुताबिक उत्तर प्रदेश पुलिस के नए मुखिया के लिए जो टॉप तीन नाम भेजे जाएंगे, उसमें सबसे पहला नाम डीजी प्रशिक्षण आरपी सिंह का है। आरपी सिंह वर्ष 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। डीजी ईओडब्ल्यू और डीजी एसआईटी रहते उन्होंने कई प्रमुख जांचों को अंजाम तक पहुंचाया था।

दूसरे नंबर पर डीजी सीबीसीआईडी जीएल मीणा का नाम है। ये भी वर्ष 1987 बैच के आईपीएस अफसर हैं। कई प्रमुख जिलों में कप्तान, डीआईजी और आईजी के पद पर रहे हैं। तीसरा नाम वर्ष 1988 बैच के आईपीएस और वर्तमान में डीजी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड और डीजी ईओडब्ल्यू आरके विश्वकर्मा का नाम है।

सूची में चौथा और सबसे चर्चित नाम डीजी इंटेलिजेंस और डायरेक्टर विजिलेंस डॉ. डीएस चौहान का नाम है। डीएस चौहान 1988 बैच के अफसर हैं। पांचवां नाम डीजी जेल आनंद कुमार का है। वर्ष 1988 बैच के अफसर आनन्द कुमार योगी सरकार के पहले कार्यकाल में एडीजी एलओ का पद लंबे समय तक सफलतापूर्वक संभाला।

मुकुल यूपी पुलिस के महानिदेशक के तौर पर एक साल भी कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से करीब 5 साल बाद यूपी लौटे मुकुल गोयल सीएम योगी आदित्यनाथ की मिशन मोड की चाल से कदमताल नहीं कर पाए। साथ ही उनके पूर्ववर्ती सपा सरकार के करीबी होने, उनकी तैनाती के बाद अखिलेश द्वारा उनके पक्ष में किए गए ट्वीट ने भी उन्हें योगी सरकार के बीच असहज कर दिया। इसके साथ ही कुछ और भी मामले रहे, जिसकी वजह से मुकुल को हटा दिया गया।

इससे पहले हटाए गए थे जावीद अहमद
योगी सरकार ने इससे पहले डीजीपी के पद पर तैनात रहे जावीद अहमद को हटाया था। दरअसल जावीद अहमद सपा सरकार के कार्यकाल में डीजीपी थे। योगी सरकार ने सत्ता संभालने के करीब तीन महीने बाद जावीद अहमद को डीजीपी के पद से हटाया था।