छत्तीसगढ़ से राजीव और रंजीता होंगे राज्यसभा के लिए कांग्रेस उम्मीदवार

कांग्रेस के असंतुष्ट खेमे के गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा को जगह नहीं मिली, Ghulam Nabi Azad and Anand Sharma of the disgruntled Congress camp did not find a place.

छत्तीसगढ़ से राजीव और रंजीता होंगे राज्यसभा के लिए कांग्रेस उम्मीदवार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटों के लिए कांग्रेस ने अपने दो उम्मीदवारों की रविवार देर रात घोषणा कर दी है। इनमें राजीव शुक्ला और रंजीता रंजन को उम्मीदवार बनाया गया है। इसके साथ ही कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सीईसी प्रभारी मुकुल वासनिक ने 10 उम्मीदवारों के नामों का ऐलाना किया है। इसमें अजय माकन को हरियाणा, जयराम रमेश को कर्नाटक, विवेक तन्खा को मध्य प्रदेश और पी. चिदंबरम को तमिलनाडु से राज्यसभा के उम्मीदवार होंगे। 

कांग्रेस से राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में इमरान प्रतापगढ़ी को महाराष्ट्र व मुकुल वासनिक, रणदीप सिंह सुरजेवाला और प्रमोद तिवारी को राजस्थान से मैदान में उतारा गया है। कांग्रेस के असंतुष्ट खेमे के गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा को जगह नहीं मिली है। दो वर्षों में राज्यसभा की 57 सीटों के लिए होने वाले चुनाव का 10 जून को मतदान होना है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और गांधी परिवार के करीबी राजीव शुक्ला को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया गया है। शुक्ला लगातार छत्तीसगढ़ आते रहे हैं। विधानसभा चुनाव में शुक्ला को कांग्रेस पार्टी ने स्टार प्रचारक भी बनाया था। कांग्रेस की सूची में आजाद का नाम नहीं होना जितना आश्चर्यजनक रहा, कुछ ऐसा ही हतप्रभ करने वाला रंजीता रंजन को उम्मीदवार बनाने का फैसला भी रहा।

बिहार कांग्रेस की नेता और पप्पू यादव की पत्नी रंजीता रंजन को छत्तीसगढ़ से उम्मीदवार बनाया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि उन्होंने दिल्ली में छत्तीसगढ़ के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य के मुताबिक अपनी बात रखी है। इस पर अंतिम फैसला हाईकमान को लेना है।

क्या एक भी स्थानीय नेता योग्य नहीं : कौशिक
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस द्वारा राज्यसभा के लिए उम्मीदवार घोषित करने के बाद सवाल उठाया है कि क्या पूरे प्रदेश में कांग्रेस का ऐसा एक भी योग्य उम्मीदवार नहीं है, जिसे वह राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बना सके। एक बार फिर से कांग्रेस ने राज्य से बाहर का उम्मीदवार दिया है। यह छत्तीसगढ़ के साथ छलावा है। कांग्रेस का इतिहास रहा है कि पहले मोहसिना किदवई, फिर केटीएस तुलसी और अब दोनों बाहरी को उम्मीदवार बना दिया।