गैंग रेप पीड़ित किशोरी से थाना परिसर में दुष्कर्म के मामले में एसआईटी गठित

ललितपुर से भोपाल ले जाकर किशोरी से हुआ था गैंग रेप, सीएम योगी तक पहुंचा था मामला, The girl was gang raped by taking her from Lalitpur to Bhopal, the matter reached CM Yogi

गैंग रेप पीड़ित किशोरी से थाना परिसर में दुष्कर्म के मामले में एसआईटी गठित

ललितपुर। गैंग रेप पीड़ित किशोरी ने ललितपुर के पाली थाना प्रभारी पर बयान दिलाने के बहाने थाना परिसर में दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। इस मामले में एसपी के आदेश पर थाना प्रभारी, एक महिला और चार अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। अब इस मामले में शासन के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया है। एआईटी ने जांच शुरू कर दी है। अब एसआईटी जल्द ही पाली थाना और दुष्कर्म पीड़िता के घर पहुंचकर हर पहलू की जांच करेगी।

थाना पाली परिसर में गैंग पीड़िता से थाना प्रभारी (थानाध्यक्ष) द्वारा दुष्कर्म किए जाने के मामले में शासन के निर्देश पर डीआईजी ने एसआईटी का गठन किया है। इस टीम में एसपी सिटी झांसी विवेक त्रिपाठी के अलावा झांसी व ललितपुर के एक-एक सीओ को भी शामिल किया गया है। टीम जल्द ही ललितपुर के थाना पाली एवं पीड़िता के घर के अलावा अन्य स्थलों पर जाकर जांच शुरू करेगी।

भोपाल भी आएगी एसआईटी
चूंकि पीड़ित किशोरी को अगवा कर भोपाल लाया गया था। जहां पर मुख्य रेलवे स्टेशन के पास एक सुनसान स्थान पर चार युवकों ने उसके साथ गैंग रेप किया गया। आरोपियों ने उसे यहीं पर तीन दिन तक बंधक बनाकर भी रखा था। इसके बाद उसे ललितपुर के थाना पाली ले जाकर थाने छोड़कर चले गए थे, जहां तत्कालीन थानाध्यक्ष द्वारा उसे उसकी मौसी को सौंप दिया गया था। इसलिए एसआईटी जल्द ही भोपाल आकर घटना स्थल का मुआयना करेगी और अन्य बिन्दूओं पर मामले की जांच करेगी। 

बयान दिलाने के बहान थाना परिसर में दुष्कर्म हुआ
आरोप है कि अगले दिन बयान दिलाने के बहाने पीड़ित किशोरी को थाने बुलाया गया और उसी दिन शाम को थाना प्रभारी ने थाना परिसर स्थित अपने कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक के आदेश पर थाना प्रभारी, एक महिला एवं चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

आरोपी थाना प्रभारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा
थाना प्रभारी को निलंबित कर दो दिन बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। वहीं घटना के चलते उस समय थाना में तैनात 29 पुलिसकर्मियों को एडीजी कानपुर जोन से लाइन हाजिर कर दिया था। थाने में पूरा नया स्टाफ तैनात किया गया। यह मामला मुख्यमंत्री योगी तक भी पहुंचा था। झांसी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने इस मामले में कड़ी नाराजगी भी जताई थी।