सिम्स में लांड्री मशीन खरीदी घोटाला: स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने दिए जांच के निर्देश, कहा-कार्रवाई होगी

मेडिकल कॉलेज में व्यवस्था सुधारने और अस्पताल में 190 बेड बढ़ाने के भी निर्देश, Instructions also to improve the system in the medical college and increase 190 beds in the hospital

सिम्स में लांड्री मशीन खरीदी घोटाला: स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने दिए जांच के निर्देश, कहा-कार्रवाई होगी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर सिम्स मेडिकल कॉलेज में मैकेनाइज्ड लांड्री मशीन घोटाला मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने इस मामले की जांच कराने के लिए डीन को आदेश दिया है। मंत्री सिंहदेव ने समीक्षा बैठक के दौरान डीन पर नाराजगी जताते हुए पूछा है कि खरीदी के लिए छत्तीसगढ़ मेडिकल कॉरपोरेशन सर्विस से एनओसी क्यों नहीं ली गई। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने सिम्स में 900 बिस्तर तक बढ़ाने के लिए प्रस्ताव बनाने के भी निर्देश दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक सिम्स के तात्कालीन संयुक्त संचालक और अधीक्षक ने नियमों को ताक पर रखकर लांड्री मशीन तीन गुना कीमत पर खरीदने का मामला उजागर हुआ था। इसके बाद लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टीएस सिंहदेव बिलासपुर में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक लेने के लिए पहुंचे। इस दौरान सिंहदेव ने बिलासपुर, मुंगेली एवं जांजगीर-चांपा के स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कामकाज की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान मंत्री सिंहदेव ने सिम्स की समीक्षा करते हुए 54 लाख रुपए में खरीदी गई मैकेनाइज्ड लांड्री मशीन की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसी तरह की मशीन रायगढ़ में 19 लाख रुपए में खरीदी गई है। अधिक कीमत पर मशीन की खरीदी कई तरह के संदेह को जन्म दे रही है। उन्होंने डीन डॉ. कमल किशोर सहारे से कहा कि व्यवस्था में जल्द सुधार लाया जाए।

एसईसीएल के सीएसआर मद से खरीदी लांड्री मशीन
कोरोना काल में एसईसीएल ने सीएसआर मद से सिम्स को नई मेकेनाइज्ड लांड्री मशीन खरीदी के लिए फंड जारी किया था। इसके बाद सिम्स के तात्कालीन संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक डॉ. पुनीत भारद्वाज ने मशीन खरीदी के लिए टेंडर जारी किया। इस टेंडर को चार गुना अधिक रेट में खोला गया। रायगढ़ मेडिकल कॉलेज ने इसी तरह की मेकेनाइज्ड लांड्री मशीन को 18 लाख 94 हजार 69 रूपए में खरीदा है, जबकि, उकटर ने इसके लिए 54 लाख रुपए का भुगतान किया।

मशीन खरीदी करने के लिए तय मापदंडों का भी पालन नहीं किया गया है। नियमानुसार किसी भी उपकरणों के क्रय करने से पहले राज्य शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अंतर्गत चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, आयुष के लिए उपकरण, दवाइयां एवं सामग्रियों की खरीदी करने के लिए सीजीएमएससी की स्थापना की गई है। सभी विभागों में उपकरण मशीनों, दवाइयों एवं अन्य बाहरी एजेंसियों से खरीदी किए जाने से पहले सीजीएमएससी से एनओसी लेना अनिवार्य किया गया है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

डीन बोले-एमबीबीएस की 200 सीट बढ़ाने चाहिए संसाधन
बैठक में सिम्स के डीन डॉ. सहारे ने जानकारी देते हुए बताया कि सिम्स में फिलहाल 710 बिस्तर है। एमबीबीएस पाठ्यक्रम में 200 सीट की मान्यता के लिए आवश्यक अद्योसंरचना की जरूरत है। इस पर मंत्री सिंहदेव ने 900 बिस्तरों के अस्पताल के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने सिम्स में लगातार आ रही शिकायतों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए शीघ्र ही शिकायतों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सामग्री खरीदी के लिए तकनीकी टीम का गठन कर शासन की ओर से निर्धारित एजेंसी से ही खरीदी के निर्देश दिए।

कोविड टेस्टिंग बढ़ाने के भी दिए निर्देश
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों एवं कर्मचारियों को बेहतर तालमेल के साथ काम करने के लिए कहा। उन्होंने कोविड टेस्टिंग बढ़ाने के साथ ही कोविड टीकाकरण में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों के टीकाकरण को नाकाफी बताते हुए इसके लिए विशेष प्रयास करने को कहा। उन्होंने अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों के कोविड टेस्ट कराने के निर्देश दिए। बैठक में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, विधायक शैलेष पाण्डेय, नारायण चंदेल एवं इंदु बंजारे सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।