निकाय चुनाव में भाजपा-कांग्रेस का खेल बिगाड़ेंगी छोटी पार्टियां

मध्य प्रदेश में होने जा रहे नगरीय निकाय चुनाव में इस बार चतुष्कोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। बीजेपी और कांग्रेस को टक्कर देने के लिए आम आदमी पार्टी, सपा, बसपा और औवेसी की पार्टी एआईएमआईएम ने कमर कस ली है। आम आदमी पार्टी पूरे मध्यप्रदेश में अपने प्रत्याशी  उतारने जा रही है, तो एआईएमआईएम ने 7 शहरों में चुनाव लड़ने की घोषणा की है।

निकाय चुनाव में भाजपा-कांग्रेस का खेल बिगाड़ेंगी छोटी पार्टियां

 भोपाल। मध्य प्रदेश में होने जा रहे नगरीय निकाय चुनाव में इस बार चतुष्कोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। बीजेपी और कांग्रेस को टक्कर देने के लिए आम आदमी पार्टी, सपा, बसपा और औवेसी की पार्टी एआईएमआईएम ने कमर कस ली है। 
आम आदमी पार्टी पूरे मध्यप्रदेश में अपने प्रत्याशी  उतारने जा रही है, तो एआईएमआईएम ने 7 शहरों में चुनाव लड़ने की घोषणा की है। मध्यप्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। उससे पहले आम आदमी पार्टी और आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन अपनी सियासी जमीन टटोलने में लग गई हैं। वो नगरीय निकाय चुनाव के जरिए विधानसभा की राह देखने की तैयारी में हैं। यही वजह है कि आम आदमी पार्टी न केवल नगरीय निकाय चुनाव में बल्कि पंचायत चुनाव में भी अपने प्रत्याशी उतार रही है। बता दें कि एमपी निकाय चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने सभी 16 नगर निगम में अपने प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया है। फिलहाल पार्टी ने सभी निकायों के लिए अलग-अलग चुनाव प्रभारी उतारने का ऐलान किया है।


  समाजवादी पार्टी ने सभी 16 निकायों में जिन नेताओं को प्रभारी बनाया है, उनमें इंदौर में मूलचंद यादव, सिंगरौली में विश्वनाथ सिंह मरकाम, भोपाल में शिशुपाल यादव, देवास में अनिल सिंह पवार, जबलपुर में कमलेश पटेल, ग्वालियर में रणवीर सिंह, मुरैना में पुरुषोत्तम दूबे, रतलाम में राधेश्याम पवार, रीवा में कमलेंद्र पांडे, छिंदवाड़ा में अरविंद यादव, सागर में डॉ। आशिक अली और सतना में योगराज द्विवेदी का नाम शामिल है। 

वोट बंटने का संकट
नगरीय निकाय चुनाव में पहली बार आप और एआईएमआईएम की एंट्री से कांग्रेस के वोट बंटने का डर सता रहा है, तो वहीं बीजेपी भी चिंतित हैं। क्योंकि आम आदमी पार्टी की पैठ शहरी इलाकों में दिखाई दे रही है। वो जमीन से जुड़े लोगों को टिकट देने की तैयारी कर रही है।  हालांकि कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल का कहना है प्रजातंत्र में हर दल को चुनाव लड़ने का अधिकार है। जिस तरह प्रदेश के कोने-कोने में, गांव-गांव और मोहल्ले -मोहल्ले में कांग्रेस का कार्यकर्ता मौजूद हैं, उसे देखकर लग रहा है कि इस बार परिवर्तन होगा। उन्होंने कहा औवेसी के आने से कांग्रेस में कोई घबराहट नहीं हैं। कांग्रेस पूरे संघर्ष से चुनाव लडेगी और जन हितैषी मुद्दों को उठाती रहेगी।

एक ओर जहां बिहार और यूपी के बाद एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी  ने अभी से एमपी में विधानसभा चुनाव  लड़ने के संकेत दे दिए हैं, तो वहीं पंजाब में मिली जीत से उत्साहित आम आदमी पार्टी की नजर भी मध्यप्रदेश पर हैं। इसलिए दोनों ही दल जोर आजमाइश में लग गए हैं। इन सबके बीच शिवसेना भी कहीं कहीं अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिशों  में लग गई है।