श्रीलंका: सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को देखते ही गोली मारने के आदेश

रक्षा मंत्रालय ने सशस्त्र बलों को दिए आदेश, Defense Ministry orders the armed forces

श्रीलंका: सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को देखते ही गोली मारने के आदेश

श्रीलंका में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करना कठिन होता जा रहा है। ऐसे में रक्षा मंत्रालय ने देशभर में हुई हिंस के बाद तीनों सेनाओं और पुलिस को सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले प्रदर्शनकारियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए हैं। सोमवार को हुई हिंसा में 7 लोगों की मौत हो गई थी जिसके बाद प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे को इस्तीफा देना पड़ा था।

देखते ही गोली मार दो 
रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को प्रदर्शनकारियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि सार्वजनिक संपत्ति को लूटने या दूसरों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति पर सशस्त्र बलों को गोली मारने का आदेश दिया गया है।

राष्ट्रपति के इस्तीफे की भी मांग
ये आदेश तब सामने आया है जब राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने लोगों से साथी नागरिकों के खिलाफ हिंसा और बदले की कार्रवाई को रोकने का आग्रह किया और राष्ट्र के सामने आने वाले राजनीतिक और आर्थिक संकट को दूर करने का वादा किया था। अब प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं।

आठ की मौत और 250 घायल
बता दें कि तत्कालीन प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के समर्थकों द्वारा सोमवार को सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमले करने के बाद हिंसा भड़क गई जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई। वहीं, कोलंबो और देश के अन्य हिस्सों में हुई हिंसा में करीब 250 लोग घायल हुए हैं।

विरोध के चलते कर्फ्यू
श्रीलंका में विरोध को देखते हुए अधिकारियों ने गुरुवार को सुबह 7 बजे तक कर्फ्यू बढ़ा दिया है। वहीं, यूरोपीय संघ ने मंगलवार को द्वीप राष्ट्र में हिंसा की निंदा की है।

यूरोपीय संघ ने किया आह्वान 
यूरोप के सदस्य देशों ने संयुक्त बयान में कहा, यूरोपीय संघ ने अधिकारियों से घटनाओं की जांच शुरू करने और हिंसा भड़काने या अपराध करने वालों को जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया है। यूरोपीय संघ सभी पक्षों से हिंसा से दूर रहने और संयम दिखाने का आग्रह करता है।