धरती की तरफ तेजी से बढ़ रहा विशाल उल्कापिंड कुतुब मीनार से 24 गुना बढ़ा

एस्टेरॉयड की रफ्तार 76,000 कि.मी. प्रतिघंटा

धरती की तरफ तेजी से बढ़ रहा विशाल उल्कापिंड कुतुब मीनार से 24 गुना बढ़ा

ब्रह्मांड में कई तरह के रहस्य छुपे हुए है। नासा समय-समय पर इन रहस्यों से पर्दा उठाता रहता है। वहीं एक बार फिर नासा ने बहुत बड़ा दावा किया है। नासा के सेंटर फॉर नियर अर्थ आब्जेक्ट स्टडीज ने यह दावा किया है कि एक बड़ा सा क्षुद्रग्रह यानि कि एक एस्टेरॉयड धरती की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इस स्टडीज के मुताबिक यह एस्टेरॉयड 27 मई को धरती के बहुत करीब से गुजरने वाला है। वहीं इस एस्टेरॉयड के आकार की बात करें तो यह बुर्ज खलीफा के आकार से भी दो गुना बड़ा है। साथ ही इसकी तुलना अगर कुतुब मीनार से की जाए तो यह कुतुब मीनार से भी 24 गुना विशालकाय है।

धरती की तरफ तेजी से बढ़ रहा उल्कापिंड
इस विशालकाय एस्टेरॉयड का धरती की ओर तेजी से बढ़ना बहुत ही चिंताजनक है। लेकिन यह एस्टेरॉयड धरती से करीब 40 लाख किलोमीटर दूर से गुजरेगा। यह दूरी पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की औसत दूरी से करीब 10 गुना ज्यादा है। बहुत दूर से गुजरने के कारण इसके धरती से टकराने की कोई संभावना नहीं है। यह एस्टेरॉयड भी अन्य ग्रहों की तरह ही सूर्य के चक्कर लगाता है। अब अगली बार यह क्षुद्रग्रह 2055 में धरती के इतने करीब से गुजरेगा। इस ग्रह को खतरनाक ग्रहों की श्रेणी में माना जाता है।

यह एस्टेरॉयड है खतरनाक
यह एस्टेरॉयड 76,000 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धरती के पास से गुजरेगा। धरती से इसकी दूरी 1.8 किलोमीटर व्यास के विशाल आकार को देखते हुए नासा का दावा है कि यह एस्टेरॉयड खतरनाक हो सकता है। इसको देखते हुए नासा ने इसे संभावित रुप से खतरनाक क्षुद्रग्रह की श्रेणी में रखा गया है। नासा ने यह भी दावा किया है कि अगर यह क्षुद्रग्रह कभी अपनी कक्षा बदलता है तो यह हमारे ग्रह को भी भारी नुकसान पहुंचा सकता है। यह एस्टेरॉयड बहुत ही तेजी से अपने कक्ष की ओर आगे बढ़ रहा है। धरती के करीब आने वाले ऐसे एस्टेरॉयड्स को हजारो की संख्या में पहले देखा जा चुका है। धरती के नजदीक आने वाले इस एस्टेरॉयड को 1989 में अमेरिकी वैज्ञानिक एलिनोर हेलिन ने खोजा था।