सूदखोर ने ब्याज के बदले बच्चा मांगा: मना करने पर मकान-दुकान कब्जा करने की धमकी

पीड़ि ने पोते के इलाज के लिए ब्याज पर ली थी रकम, The victim had taken the amount on interest for the treatment of her grandson.

सूदखोर ने ब्याज के बदले बच्चा मांगा: मना करने पर मकान-दुकान कब्जा करने की धमकी

इंदौर। शहर में सूदखोरी का एक अनोखा और ब्याज बसूली का चौकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, सूदखोर मूल और ब्याज के बदले एक परिवार से उनका मासूम बच्चा मांग रहे हैं। दो साल पहले परिवार ने उसी बच्चे के इलाज के लिए रकम उधार ली थी। लगातार ब्याज भी दे रहे थे। लेकिन परिवार दो महीने से ब्याज नहीं दे सका, तो सूदखोरों ने ब्याज के साथ पेनल्टी लगाकर चार लाख की मांग कर डाली। परिवार ने जब रुपए देने में असमर्थता जताई तो सूदखोर ने बच्चा मांग लिया। सूदखोर पीड़ित परिवार से बोला कि रुपए मत दो, पोता दे दो, मूल-ब्याज सब भूल जाऊंगा। एमआईजी थाना पुलिस में दो सूदखोरों के खिलाफ शिकायत की है।

थाना प्रभारी अजय वर्मा ने बताया कि लाला के बगीचे निवासी गीता सिगले की शिकायत पर पुलिस ने अम्बेडकर नगर निवासी प्रमोद बामने टेलर और महेश बाग कॉलोनी निवासी बसंत गायकवाड़ उर्फ बबली के खिलाफ सूदखोरी के मामले में केस दर्ज किया है। शिकायत में पुलिस को बताया कि प्रमोद बामने से 30 जनवरी 2020 को 7 रुपए प्रति सैकड़ा के हिसाब से 1 लाख रुपए ब्याज पर लिए थे। अक्टूबर 2020 तक 50 हजार रुपए नगद ब्याज के रुप में अदा किए। 50 हजार रुपए और उसका ब्याज बचा था, लेकिन अब प्रमोद बामने 4 लाख रुपए की मांग कर रहा है। प्रमोद, बसंत गायकवाड़ (उर्फ बबली) को तकादा करने के लिए भेजता है, जो दुकान पर आकर धमकाता है और दुकान व घर पर कब्जा करने की बात करता है।

मूल व ब्याज के बदले बच्चा मांग रहे सूदखोर
पीड़ित गीता ने पुलिस को बताया कि सूदखोरों से पोते के इलाज के लिए कर्ज लिया था। जब वह पैदा हुआ तो उसके प्लेटलेट्स कम थे। उसका उपचार चल रहा था। करीब दो लाख रुपए लगाने के बाद उन्हें और रुपए की जरूरत पड़ी। जिसमें मकान की नोटरी, दुकान के कागज और बुलेट मोटर साइकिल के पेपर रखकर एक लाख रुपए का कर्ज लिया। कुछ समय बाद बच्चा ठीक होकर घर आ गया।

सूदखोर के यहां नहीं है औलाद
गीता ने बताया कि हम लगातार ब्याज दे रहे थे। कुछ समय से आर्थिक हालात ठीक नहीं होने के चलते ब्याज नहीं दे पाए। इसके बाद सूदखोर लगातार दबाव बना रहे थे। बसंत गायकवाड़ उर्फ बबली के यहां बच्चे नहीं हैं। उसने कहा कि रुपए मत दो, पोता दे दो। वह उसे गोद ले लेगा। रुपए भूल जाएगा। परिवार के लोगों ने इस बात से इनकार किया तो उसने धमकाना शुरू कर दिया।

मोबाइल बंद कर आरोपी फरार
अम्बेडकर नगर निवासी प्रमोद टेलर पर पहले भी सूदखोरी के आरोप लग चुके हैं। 2018 में भी उसका मामला थाने पहुंचा था। पुलिस के मुताबिक प्रमोद और बंसत ने गीता के घर और दुकान के दस्तावेज थाने में जमा कराने का कहा था, लेकिन वह नहीं आए। प्रकरण दर्ज करने के बाद से दोनों सूदखोर फरार हैं।