यूपी: योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों को थमाया सातों दिन का एजेंडा, गाइडलाइन तय 

सीएम योगी के साफ निर्देश जनता के बीच जाकर उनकी समस्या सुलझाये, Clear instructions of CM Yogi to go among the public and solve their problems

यूपी: योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों को थमाया सातों दिन का एजेंडा, गाइडलाइन तय 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इस साल नगर निकाय चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सात दिनों का एजेंडा तय कर मंत्रियों के लिए गाइडलाइन तैयार की हैं। इन गाइडलाइन के तहत मंत्रियों को पूरे हफ्ते का शेड्यूल दिया गया है और साफ निर्देश दिए गए हैं कि जनता के बीच जाकर उनसे मुलाकात कर समस्या सुलझाये। इसके साथ रिश्तेदारों को सचिव न नियुक्त करने को भी कहा गया है। इस लिस्ट में मंत्रियों को क्या करना है और क्या नहीं करना इसके बारे में पूरी तरह से बताया गया है जिससे आगामी चुनावों से पहले सरकार के कार्यों को जनता तक पहुंचाया जा सकें।

पूरे हफ्ते का एजेंडा दिया
योगी आदित्यनाथ की तैयार गाइडलाइन के मुताबिक, मंत्रियों को हर दिन से हिसाब से अलग एजेंडा दिया है। मंत्रियों को हफ्ते के पहले चार दिन राजधानी लखनऊ में रहकर कार्य करना है। सोमवार को वह अपने ऑफिस में विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर काम का जायजा लेंगे। मंगलवार को यदि कैबिनेट की बैठक होती है तो वह उसमें आएंगे। इसके साथ वह इसी दिन जन प्रतिनिधियों के मिलेंगे। बुधवार और गुरुवार को, वे सरकारी समितियों के साथ बैठक करेंगे। शनिवार और रविवार के बीच, सभी मंत्री अपने प्रभार वाले जिले में जाकर जनता के साथ मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री की ओर से सभी मंत्रियों को कहा गया है कि वह अपने साथ कम से कम स्टाफ को साथ लेकर चलें और अधिकारिक दौरे पर किसी भी परिवारजन को साथ न ले जाए।

जनता में सकारात्मक संदेश के लिए सख्ती
योगी सरकार में एक मंत्री की तरफ से बताया गया कि सरकार की ओर की फील्ड पर जनता के बीच जानें और अधिकारिक दौरों पर परिवारजनों को ले जाने को लेकर गाइडलाइन्स को तय किया गया है, लेकिन सरकार इस बार जनता में भाजपा शासन के बारे में सकारात्मक संदेश देने के लिए सख्त दिखाई दे रही है। सरकार इस साल के अंत में होने वाले शहरी स्थानीय निकाय चुनावों और लोकसभा चुनावों से पहले छवि को लेकर बहुत चिंतित है। यदि सभी मंत्री अपने विभाग में एक्टिव रहेंगे, तो मौजूदा प्रोजेक्ट्स में कार्य तेजी के साथ होगा और चुनाव के दौरान जनता से किये गए वादों को भी भाजपा समय पर पूरा कर पाएगी।

मंत्री स्वयं प्रस्तुत करे प्रस्ताव
मुख्यमंत्री योगी की तरफ से निर्देश दिया गया है कि कैबिनेट मीटिंग में अपने-अपने विभागों के प्रस्तावों अधिकारियों को कहने बजाय मंत्रीगण स्वयं प्रस्तुत करें। हालांकि वह जानकारी एकत्र करने और प्रस्तुति तैयार करने में अधिकारियों की मदद ले सकते हैं। एक अधिकारी ने कहा, इस तरह के निदेर्शों के साथ, सीएम प्रयास कर रहे हैं कि मंत्री और अधिकारी अपनी कार्यशैली के साथ एक मिसाल कायम करें।