शिवराज के निर्देश: निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता, नई सड़कों का शीघ्रता से पूर्ण करें कार्य

सीएम ने आगे कहा कि सड़कों की गुणवत्ता नियंत्रण के लिये जियो टेगिंग टेक्नालॉजी (geo tagging technology) के माध्यम से सेम्पल चयन और गुणवत्ता का परीक्षण किया जाये। साथ ही ऐसी सभी सड़कों विस्तृत डाटा तैयार किया जाए जिनका आगामी दो वर्षों में संधारण का कार्य पूर्ण करना आवश्यक हो।

शिवराज के निर्देश: निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता, नई सड़कों का शीघ्रता से पूर्ण करें कार्य

भोपाल। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता (quality of construction works) से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाये। गुणवत्ता नियंत्रण के लिये नया मैकेनिज्म (mechanism) विकसित किया जाए, जो पारदर्शी होने के साथ ही त्वरित कार्रवाई के लिए सक्षम हो। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) ने यह बात लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने नई सड़कों के निर्माण (construction of new roads) के साथ शही क्षेत्र से गुजरने वाली सड़कों भी शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में विभाग के मंत्री गोपाल भार्गव (Gopal Bhargava), सुरेश धाकड़ और मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस समेत विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

सीएम ने आगे कहा कि सड़कों की गुणवत्ता नियंत्रण के लिये जियो टेगिंग टेक्नालॉजी (geo tagging technology) के माध्यम से सेम्पल चयन और गुणवत्ता का परीक्षण किया जाये। साथ ही ऐसी सभी सड़कों विस्तृत डाटा तैयार किया जाए जिनका आगामी दो वर्षों में संधारण का कार्य पूर्ण करना आवश्यक हो। उन्होंने कहा कि नवीन सड़कों के चयन में स्थानीय विधायकों के प्रस्ताव प्राथमिकता के साथ जोड़े जायें। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी क्षेत्र का दौरा करें तथा अपनी इंस्पेक्शन रिपोर्ट विभाग के पोर्टल पर लोड करें।

शिवराज ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि 100 करोड़ से अधिक की सभी परियोजनाओं का वार्षिक कैलेण्डर तैयार कर समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि CSR Rate से कम रेट पर टेण्डर लेने वाले ऐसे ठेकेदार जो निम्न गुणवत्ता का काम करते हैं या काम छोड़कर चले जाते हैं, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाये। उन्होंने कहा कि अटल प्रगति पथ (Atal Pragati Path) प्रदेश की अति महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसमें भू-अर्जन की कार्रवाई तेजी से करें। राज्य सरकार द्वारा किसानों की सहमति के आधार पर दोगुनी भूमि देने का प्रस्ताव दिया गया है। जिन किसान भाइयों द्वारा यह योजना स्वीकार की गई है, उन्हें आवंटित भूमि पर पजेशन शीघ्रता से दिलाया जाये।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कहा कि प्रदेश के सभी उच्च-स्तरीय एवं पुराने पुलों का सेफ्टी आडिट तथा मरम्मत सुदृढ़ीकरण कार्य के लिये एजेंसी का निर्धारण किया जायेगा। सीएम ने लोक निर्माण विभाग की परियोजना क्रियान्वयन इकाई के कार्यों की नियमित समीक्षा के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री प्रत्येक सोमवार को कार्य प्रगति की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री ने पोहरी विधानसभा क्षेत्र के इन्दुरुखी पुल के बाढ़ में बह जाने की जांच रिपोर्ट उन्हें प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिये।