मटेरियल सप्लाई के नाम पर 12 लाख रुपए ठगे, छत्तीसगढ़ से पुलिस ने पकड़ा

फर्जी आधारकार्ड के सहारे स्थायी निवासी बन गया था। लोगों से दोस्ती बढ़ी तो रतहरा बाईपास के आगे जिउला मोड़ के पास शान्ति ट्रेडर्स नाम से दुकान संचालित करने लगा, जहां तीन लोगों से मटेरियल सप्लाई के नाम पर 12 लाख रुपए ठग डाले।

मटेरियल सप्लाई के नाम पर 12 लाख रुपए ठगे, छत्तीसगढ़ से पुलिस ने पकड़ा

सिटी कोतवाली पुलिस रीवा एक शातिर ठग को छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार कर लाई है। जानकारी के अनुसार ठग कुछ सालों पहले रीवा में आकर किराए के मकान में रहने लगा था। कुछ दिनों बाद फर्जी आधारकार्ड के सहारे स्थायी निवासी बन गया था। लोगों से दोस्ती बढ़ी तो रतहरा बाईपास के आगे जिउला मोड़ के पास शान्ति ट्रेडर्स नाम से दुकान संचालित करने लगा, जहां तीन लोगों से मटेरियल सप्लाई के नाम पर 12 लाख रुपए ठग डाले। जब स्थानीय लोगों ने घर बनाने के लिए मटेरियल मांगा तो दुकान बंद कर फरार हो गया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ितों ने सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। थाने में अपराध क्रमांक 783/2021 आईपीसी की धारा 420 का प्रकरण कायम कर गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए। साइबर सेल की मदद ली तो आरोपी पहले आरोपी रीवा, फिर छत्तीसगढ़, कुछ दिनों बाद महाराष्ट्र चला गया। ऐसे में काफी मशक्कत के बाद पकड़ा है।

दूसरी शादी कर भाग गया था 
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका असली नाम पवन कुमार साहू पिता विष्णु प्रसाद साहू (38) निवासी रेहुटा थाना लोरमी जिला मुगेली छत्तीसगढ़ है। कहा कि गांव में शादी के बाद नौकरी करने के लिए रायपुर छत्तीसगढ़ चला गया था। वहां पर दूसरी शादी कर अपनी पत्नी के साथ मुंबई चला गया था। मुंबई में कुछ साल रहने के बाद पत्नी के साथ रीवा आ गया।

किराये का मकान लेकर रहा
रीवा शहर आकर आरोपी बजरंग नगर में किराये का मकान लेकर रहने लगा। यही उसने अपना फर्जी नाम पवन साव पिता बिन्ना साव नाम से आधार कार्ड और अन्य डॉक्यूमेंट बनवा लिया। इसके बाद जिउला मोड़ के पास शान्ति ट्रेडर्स के नाम से दुकान खोल ली। वहीं से मकान निर्माण की ठेकेदारी भी करने लगा। जिससे ग्राहकों को फंसाकर लाखों रुपए मकान निर्माण के नाम पर ले लेता था।

ठगी कर खरीदी कार
आरोपी ने कुछ दिन बाद ठगी के पैसे से एक कार फाइनेंस करा ली। फिर पत्नी के साथ कोरवा छत्तीसगढ़ चला गया था। वहां पहुंचकर अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था, जिसे साइबर सेल की मदद से पकड़ा गया है। पुलिस ने बताया कि शातिर ठग की गिरफ्तारी के लिए एसपी रीवा ने 3000 रुपए का ईनाम घोषित किया था। लेकिन बार बार लोकेशन बदलने से पुलिस परेशान थी।