भाजपा नेता के बेटे की हत्या: बोरिंग को लेकर हुआ था विवाद, गुस्साए लोगों ने वाहनों में तोड़फोड़ कर ट्रक में लगाई आग

नेशनल हाईवे पर लोगों ने लगाया सात किमी लंबा जाम, पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी तक खुला जाम, People blocked seven km long on the National Highway, open jam till the police released tear gas

भाजपा नेता के बेटे की हत्या: बोरिंग को लेकर हुआ था विवाद, गुस्साए लोगों ने वाहनों में तोड़फोड़ कर ट्रक में लगाई आग

इंदौर। शहर के किशनगंज इलाके में बुधवार देर रात कुछ लोगों ने भाजपा नेता के बेटे पर धारदार हथियारों हमला कर हत्या कर दी। एक प्लाट पर हो रही बोरिंग को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। हत्या की वारदात से गुस्साए लोगों ने नेशनल हाईवे जाम कर दिया और वाहनों में तोड़फोड़ कर एक ट्रक में आग लगा दी। इस दौरान लोगोें ने मीडियाकर्मी और पुलिसकर्मियों से भी मारपीट की। क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने चिन्हित आरोपियों के अवैध निर्माण ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। एडीएम पवन जैन और बड़ी संख्या में पुलिस प्रशासन का अमला मौजूद है।

जानकारी के अनुसार किशनगंज के पिगडंबर इलाके में बुधवार देर रात सुजीत ठाकुर पुत्र उदल सिंह ठाकुर(20) अपने दोस्तों के साथ राऊ में स्थित एक होटल से लौट रहा था। इसी बीच वह पास ही हो रही एक बोरिंग के पास पहुंचे। यहां रहने वाले कुलदीप पवार ने धूल कम उड़ाने के लिए कहा। इस पर सुजीत और कुलदीप का विवाद हो गया। सुजीत ने अपनी मदद के लिए महू से कुछ साथियोंको भी बुलवा लिए। सभी ने मिलकर कुलदीप पर हमला कर दिया। 

पेट व सीने में चाकू घोंपे

कुलदीव व उसके साथियों से जान बचाकर सुजीत भागते हुए फोरलेन तक आ गया। यहां पहले से मौजूद हथियारबंद बदमाशों ने सुजीत और उसके दोस्तों पर हमला कर दिया। इसमें सुजीत के पेट और सीने में चाकू लगने से मौत हो गई। हमले में पिंटू, वीरेंद्र, मादू चौहान, जगदीश चौहान, कुलदीप पवार और धर्मेंद्र जनवार घायल है। सभी को गंभीर हालत में चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुजीत के पिता उदल सिंह ठाकुर भाजपा के पूर्व ग्रामीण उपाध्यक्ष हैं ।

हाईवे पर 7 किमी जांच

किशनगंज में एक तरफ राऊ तो दूसरी तरफ सोनवाय टोल तक दो घंटे तक करीब 7 किमी लंबा जाम लग गया। रात भर अंधेरे का फायदा उठाकर ग्रामीणों ने लोगों की गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी। उनसे मारपीट भी की गई। इस दौरान एक ट्रक में आग लगा दी। इसका वीडियो बना रहे लोगों के मोबाइल छीनकर फेंक दिए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का गोला दागना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने जाम को खुलवाया। घटना में पुलिसकर्मी व मीडियाकर्मी भी घायल हुए हैं। देर रात तक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले पर नजर बनाए रहे।

फेक वीडियो चलाने वालों पर होगी कार्रवाई
पिगडंबर में हुई घटना के बाद सोशल मीडिया पर राजस्थान का फेक वीडियो चलाया जा रहा था। जिस पर इंदौर एडीएम पवन जैन ने कहा कि फेक वीडियो चलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।