धीरे-धीरे उलझ रहा कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव: अब रेस में आया मप्र का यह बड़ा नेता

दिग्विजय सिंह के रेस में आने के बाद यही सवाल उठ रहे हैं कि क्या गांधी परिवार का समर्थन मिलने के बाद वह चुनाव मैदान में कूद रहे हैं। 

धीरे-धीरे उलझ रहा कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव: अब रेस में आया मप्र का यह बड़ा नेता

भोपाल। कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में अब लगभग 20 दिनों का समय बचा है। इससे पहले घमासान जारी है। इसके साथ चुनाव लड़ने वाले नेताओं की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। अभी तक इस रेस में अशोक गहलोत, शशि थरू, पवन बंसल और केसी वेणुगोपाल का नाम चल रहा था, लेकिन अब इस रेस में मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का नाम भी शामिल हो गया है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि दिग्गी राहुल भारत यात्रा छोड़ गुरुवार को दिल्ली पहुुंंचेंगे और शुक्रवार को नामांकन दाखिल करेंगे। 

बता दें कि इस रेस में सबसे आगे नाम राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नाम चल रहा था, लेकिन राजस्थान में मचे सियासी घमासान और गहलोत समर्थक विधायकों की बगावत के बाद मामला पूरी तरह से पलट गया है। इतना ही नहीं, कयास  यह भी लगाए जा रहे हैं कि अशोक गहलोत अब अध्यक्ष का चुनाव लड़ने की रेस से बाहर हो गए हैं। खास बात यह भी थी उनको गांधी परिवार की समर्थन मिला हुआ था। वहीं अब दिग्विजय सिंह के रेस में आने के बाद यही सवाल उठ रहे हैं कि क्या गांधी परिवार का समर्थन मिलने के बाद वह चुनाव मैदान में कूद रहे हैं। 

30 को नामांकन दाखिल करेंगे थरूर
वहीं शशि थरूर साफ कर चुके हैं कि 30 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे वह अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने बुधवार को अपने ट्वीट में प्रसिद्ध उर्दू कवि मजरूह सुल्तानपुरी की 'शेर' को ट्वीट किया। उन्होंने लिखा "मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंजिÞल की ओर, लोग साथ गए और कारवां बनता गया।" राजनीतिक जानकारों का कहना है कि शशि थरूर अपने ट्वीट के जरिए अध्यक्ष पद की रेस में अपने बढ़ते समर्थन को दिखाना चाह रहे है। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) अध्यक्ष चुनाव लड़ने के लिए देश भर के पार्टी कार्यकतार्ओं का समर्थन प्राप्त है। 

गहलोत के नाम का पर्चा अब तक नहीं कटा
वहीं अशोक गहलोत के चुनाव लड़ने को लेकर संशय इसलिए  और बना हुआ है कि अब तक उनके नाम का पर्चा कांग्रेस मुख्यालय से नहीं लिया गया है, जबकि कहा जा रहा था कि वह 27 सितंबर को नामांकन दाखिल कर देंगे। बता दें कि एक तरफ अशोक गहलोत दिल्ली आ रहे हैं तो वहीं सचिन पायलट पहले से ही राजधानी में मौजूद हैं। कहा यह भी जा रहा है कि अशोक गहलोत से गांधी परिवार गुस्सा तो है, लेकिन उनके खिलाफ बड़ा फैसला नहीं लेना चाहता। ऐसे में उन्हें राजी किया जा रहा है कि वह अध्यक्ष का चुनाव लड़ें और सीएम को लेकर फैसला सोनिया गांधी के ऊपर ही छोड़ दें। 

अशोक गहलोत को मिली क्लीन चिट
कांग्रेस ने शांति धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौर को कारण बताओ नोटिस भेजा है। संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, पार्टी के मुख्य सचेतक महेश जोशी और आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौर को जयपुर में पार्टी विधायकों की बैठक करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लेकर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपी गई रिपोर्ट में क्लीन चीट दी गई है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि वरिष्ठ नेता एके एंटनी के जल्द ही सोनिया गांधी से मुलाकत की संभावना है। एंटनी संकट को सुलझाने में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। एंटनी पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति के प्रमुख भी हैं।