अनोखी शादी: भिलाई में दूल्‍हा-दुल्‍हन ने 70 फीट ऊंचाई पर बलून में एक-दूसरे को पहनाई वरमाला

भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर में अनोखी शादी देखने को मिली है। इस शादी में वर और वधु एयर बैलून में बैठकर 70 फीट ऊंचाई पर गए। इसके बाद वहां उन्होंने एक दूसरे को वरमाला पहनाई। इस अनोखी शादी को लेकर पूरे शहर में चर्चा चल रही है। लड़की के पिता अवधेश पाण्डेय ने बताया कि, उनके अरमान थे कि वो अपनी बेटियों की शादी में कुछ अलग करें।

अनोखी शादी: भिलाई में दूल्‍हा-दुल्‍हन ने 70 फीट ऊंचाई पर बलून में एक-दूसरे को पहनाई वरमाला

भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर में अनोखी शादी देखने को मिली है। इस शादी में वर और वधु एयर बैलून में बैठकर 70 फीट ऊंचाई पर गए। इसके बाद वहां उन्होंने एक दूसरे को वरमाला पहनाई। इस अनोखी शादी को लेकर पूरे शहर में चर्चा चल रही है। लड़की के पिता अवधेश पाण्डेय ने बताया कि, उनके अरमान थे कि वो अपनी बेटियों की शादी में कुछ अलग करें।


छत्‍तीसगढ़ के भिलाई स्थित सेक्टर  7 दशहरा मैदान में पांडेय परिवार शादी में वरमाला की अनोखी रस्म का आयोजन किया 70 फीट ऊंचाई पर बलून को उड़ा कर उसमें दूल्हा दुल्हन की वरमाला की रस्म पूरी की गई। इस बलून को बीकानेर के राजस्थान से मंगाया गया था।

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वधु के पिता अवधेश पांडेय ने बताया कि उनका प्लास्टिक का व्यापार है और वह अपनी बेटी प्रीति पांडेय का विवाह कुछ अलग ढंग से यादगार बनाते हुए करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने इस तरह का इवेंट करने वाले राजस्थान के एयर बलून पायलट रोहतास से संपर्क साधा। जिनसे विवाह समारोह में आकर बलून उड़ान के लिए कहा।

बलून में वरमाला की रस्म को देखने पहुंचे थे काफी लोग 

इस तरह अब तक क्रेन से 20 से 25 फीट ऊंचाई तक जाकर वरमाला करने इंवेट किया जा चुका है। बलून के पायलट रोहतास ने बताया कि बलून को उड़ाने के लिए रसोई गैस के तीन सिलेंडर का उपयोग किया गया। उन्होंने बताया कि राजस्थान में इस तरह के आयोजन कई बार कर चुके हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में पहली बार आए हैं। पांडेय परिवार के विवाह समारोह में 70 फीट ऊंचाई पर बलून में वरमाला की रस्म को देखने काफी लोग पहुंचे थे।

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वेदर चेक करके उड़ाया जाता है बैलून
रोहितास ने बताया कि उनके पास LPG गैस का स्टोरेज होता है। ये एक काइट फ्लाइंग की तरह होता है। इसे रोप के जरिए कंट्रोल किया जाता है,और वेदर चेक करने के बाद ही उड़ाया जाता है। जहां बैलून उड़ाना होता है वहां के मौसम को एक महीने पहले से चेक करना पड़ता है। इसके बाद जब यह तय हो जाता है कि शादी के समय अधिक हवा और पानी नहीं होगा। उसके बाद ही बैलून को उड़ाया जाता है।

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बेटी की शादी को बनाया यादगार
बेटी के पिता अवधेश पांडेय ने अनोखी वरमाला का आयोजन करके अपनी बेटी प्रीति के विवाह को यादगार बनाया है। उनका विवाह दुर्ग के गया नगर निवासी रवि तिवारी के साथ हुआ है। बताया जा रहा है कि, लड़के और लड़की दोनों घर में बिजनेस का काम देखते हैं।