35 नर्सिंग कॉलेजों के फर्जीवाड़े का मामला: एक-दूसरे पर आरोप लगाने में जुटे पक्ष-विपक्ष

मध्यप्रदेश में व्यापमं की तरह घोटाले अनवरत जारी है। हर योजना में भ्रष्टाचार, हर काम में फजीर्वाड़ा, हाईकोर्ट ने अब नर्सिंग कॉलेजों की गड़बड़ियों की जांच सीबीआई को सौंपी है। नर्सिंग कॉलेजों की संबद्धता व मान्यता के नाम पर जमकर फजीर्वाड़ा किया गया।

35 नर्सिंग कॉलेजों के फर्जीवाड़े का मामला: एक-दूसरे पर आरोप लगाने में जुटे पक्ष-विपक्ष

भोपाल। मध्य प्रदेश में पोषण आहार के बाद अब चंबल संभाग में 35 नर्सिंग कॉलेजों के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। यह बड़ा मामला सामने आने के बाद मध्यप्रदेश हाईकोई की ग्वालियर बेंच ने जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंप दी है। अब इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश की सियासत गरमा गई है। 

एक ओर जहां इस मामले में कांग्रेस ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग पर निशाना साधा है, तो वहीं दूसरी ओर सारंग ने पलटवार किया है। सारंग ने कहा कि  कांग्रेस सरकार में 35 नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दी गई थी। जब कमलनाथ मुख्यमंत्री थे। भाजपा सरकार ने सिर्फ नर्सिंग स्ट्रक्चर को ठीक किया है। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने जिन 35 नर्सिंग कॉलेजों की सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं, उन्हें कांग्रेस शासन में गलत तरीके से मान्यता दी गई थी।

प्रदेश में अनवरत जारी हैं घोटाले: नाथ
वहीं इस पूरे मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में व्यापमं की तरह घोटाले अनवरत जारी है। हर योजना में भ्रष्टाचार, हर काम में फजीर्वाड़ा, हाईकोर्ट ने अब नर्सिंग कॉलेजों की गड़बड़ियों की जांच सीबीआई को सौंपी है। नर्सिंग कॉलेजों की संबद्धता व मान्यता के नाम पर जमकर फजीर्वाड़ा किया गया। उन्होंने कहा कि दोषियों पर आखिर कार्यवाही कब होगी? कमलनाथ ने बिना मुख्यमंत्री का नाम लिए पूछा कि भ्रष्टाचारी कब गाड़े जाएंगे?

कांग्रेस ने की चिकित्सा शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग 
मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा कि नर्सिंग कालेज की जांच हाईकोर्ट ने सीबीआई को सौंपी है। यह एक बड़ा घोटाला है। इसमें मंत्री से लेकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के कमिश्नर निशांत वरबड़े जैसे कई अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका है। उन्होंने मांग कि इस निर्णय के बाद सरकार प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री को तत्काल पद से हटाए और जिम्मेदारों को कड़ी कार्यवाही करें।
 
यह है पूरा मामला
बता दें कि मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल ने प्रदेश में सत्र 2019-20 में 520 कालेजों को संबद्धता दी थी। और इन कॉलेजों में ग्वालियर के 35 कॉलेज भी शामिल है। नर्सिंग कॉलेज फजीर्वाड़े को लेकर न्यायालय में एक जनहित याचिका प्रस्तुत की गई थी। जिसकी सुनवाई के आधार पर 35 में से एक कॉलेज की संबद्धता के रिकार्ड की जांच कराई गई। कोर्ट में सुनवाई के बाद फजीर्वाड़े की जांच ग्वालियर बेंच ने सीबीआई को सौंप दी है।