देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई का दबाव और सामाजिक परिस्थितियां छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित नेशनल टास्क फोर्स के हालिया सर्वे में एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है।

भारत में 10 साल में 62 फीसदी बढ़े सुसाइड के मामले
मृतक 67 % छात्र एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणी के
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई का दबाव और सामाजिक परिस्थितियां छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित नेशनल टास्क फोर्स के हालिया सर्वे में एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। सर्वे के मुताबिक, 9 फीसदी छात्रों के मन में अक्सर आत्महत्या के विचार आते हैं, जबकि 34 फीसदी छात्र अपने ही कैंपस में खुद को बाहरी महसूस करते हैं। दरअसल, मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एनटीएफ के प्रमुख जस्टिस एस. रवींद्र भट ने देशभर के 2.43 लाख से अधिक छात्रों पर यह सर्वे किया।
बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई
तनाव और चिंता: 15% छात्रों ने स्वीकार किया कि पिछले 6 महीनों में वे कई हफ्तों तक भारी तनाव और चिंता से जूझे।
वंचित वर्गों का प्रतिनिधित्व: सर्वे में शामिल कुल छात्रों में 67 फीसदी छात्र एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणी से थे।
प्रशासन पर भरोसा: सकारात्मक पहलू यह है कि 56 फीसदी छात्रों को अब भी विश्वास है कि प्रशासन गंभीर मुद्दों को संभालेगा।
रिपोर्ट जमा करने की तिथि: टास्क फोर्स अपनी अंतिम रिपोर्ट 31 अक्टूबर तक सुप्रीम कोर्ट में सौंपेगी।
एडमिशन से तेज रफ्तार से बढ़ी सुसाइड रेट
सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि 2011 से 2022 के बीच हायर एजुकेशन में कुल दाखिले 2.92 करोड़ से बढ़कर 4.33 करोड़ हुए, लेकिन इस दौरान आत्महत्या की दर कहीं अधिक तेज रफ्तार से बढ़ी। प्रति 1 लाख छात्रों पर सुसाइड रेट 26.37 से बढ़कर 30.02 तक पहुंच गया।
10 वर्षों में 62% बढ़े सुसाइड केस
वर्ष 2015 से 2024 के दौरान देश में कुल 1,15,850 छात्रों ने अपनी जान गंवाई। 10 सालों में मामलों में 62% की भयानक बढ़ोतरी दर्ज की गई।
| वर्ष | आत्महत्या |
| 2015 | 8,934 |
| 2017 | 9,905 |
| 2019 | 10,335 |
| 2021 | 13,892 |
| 2023 | 13,892 |
| 2024 | 14,488 |
5 वर्षों में देश के शीर्ष IITs में हुए मामले
देश के सर्वोच्च इंजीनियरिंग संस्थानों (IITs) में पिछले 5 सालों में दर्ज आत्महत्या के मामले। धनबाद, भुवनेश्वर, गोवा, रोपड़, मंडी और इंदौर में भी 1 से 2 मामले दर्ज किए गए।
| IIT खड़गपुर | 11 |
| IIT मद्रास | 09 |
| IIT कानपु | 09 |
| IIT दिल्ली | 08 |
| IIT गुवाहाटी | 05 |
| IIT बीएचयू | 05 |
| IIT हैदराबाद | 04 |
| IIT रुड़की | 03 |
| IIT पटना | 03 |
| IIT पटना | 03 |
विशेषज्ञ की राय: गेटकीपर ट्रेनिंग जरूरी
छात्रों में आत्महत्या रोकने के लिए शुरुआती चेतावनी संकेतों को समय रहते पहचानना सबसे जरूरी है। इसके लिए संस्थानों में गेटकीपर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाने चाहिए, जिसमें शिक्षकों, हॉस्टल वार्डनों और साथी छात्रों को डिप्रेशन के लक्षण पहचानना सिखाया जाए। इसके अलावा, छात्रों को टेली-मानस हेल्पलाइन और मनहित ऐप से जोड़ना होगा। कारणों की गहराई समझने के लिए साइकोलॉजिकल आॅटोप्सी को अनिवार्य किया जाना चाहिए।
डॉ. जेपी अग्रवाल, वरिष्ठ साइकोलॉजिस्ट

भारतीय सशस्त्र बल अग्निवीरों के पहले बैच का कार्यकाल पूरा होने के बाद समीक्षा करेंगे। 25 प्रतिशत रिटेंशन दर और भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं पर क्या है नई अपडेट, जानें विस्तार से।
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने MP Police Constable Driver Recruitment 2026 की नियम पुस्तिका जारी कर दी है। 1000 पदों के लिए 15 अक्टूबर से आवेदन शुरू होंगे। जानें योग्यता, आयु, वेतनमान और परीक्षा की पूरी जानकारी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने IPS अधिकारियों के लिए जनरेटिव AI, साइबर सुरक्षा और उभरती तकनीकों से जुड़े पाठ्यक्रम अनिवार्य कर दिए हैं। iGOT Karmayogi पोर्टल पर इनके प्रदर्शन को वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (APAR) से जोड़ा जाएगा।
आईआईटी बॉम्बे में पढ़ाई के बढ़ते तनाव और आत्महत्या की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए संस्थान प्रबंधन नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। इस सप्ताह होने वाली आपातकालीन सीनेट बैठक में इस ड्राफ्ट पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
कल तक जो दीवारें बेटियों की राह रोकती थीं, आज वहीं से उनके सफलता के नए रास्ते निकल रहे हैं। देश के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों यानी आईआईटी में बेटियों ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते हुए नया इतिहास रच दिया है।
मध्य प्रदेश समूह-3 संयुक्त भर्ती परीक्षा-2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया दोबारा शुरू! जल संसाधन और PHE विभाग में संविदाकर्मियों को मिला 50% आरक्षण। 13 से 27 अक्टूबर 2026 तक करें आवेदन। जानिए पूरी डिटेल।
देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई का दबाव और सामाजिक परिस्थितियां छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित नेशनल टास्क फोर्स के हालिया सर्वे में एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने कक्षा 9वीं की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में बड़ा बदलाव किया है। नई किताब अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी इंडिया एंड बियॉन्ड के पाठ्यक्रम से जहां 9वीं के बच्चों का पढ़ाई का बोझ कम किया गया है।
सितंबर का महीना खत्म होने के साथ ही अक्टूबर की शुरुआत स्कूली छात्रों के लिए राहत और खुशियों की सौगात लेकर आ रही है। अक्टूबर का पूरा महीना छुट्टियों के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इस दौरान गांधी जयंती, दुर्गा पूजा और दशहरा जैसे प्रमुख राष्ट्रीय व धार्मिक त्योहार पड़ रहे हैं।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार नियुक्ति समिति ने मंदीप के भंडारी को सीबीएसई का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। मंदीप के भंडारी साल 2001 के आईएएस आफिसर हैं। अब मंदीप के भंडारी सीबीएसई चेयरपर्सन के रूप में अपनी कमान संभालेंगे।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह