भारत में प्रति व्यक्ति co2 उत्सर्जन अमेरिका से सात गुना तो चीन से चार गुना कम

औद्योगिक क्रांति के बाद से अमेरिका सबसे बड़ा उत्सर्जक

भारत में प्रति व्यक्ति co2 उत्सर्जन अमेरिका से सात गुना तो चीन से चार गुना कम

दुबई । ग्लोबल कार्बन प्रोजेक्ट द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, प्रति व्यक्ति उत्सर्जन ग्राफ में अमेरिका शीर्ष पर है। जहां प्रति व्यक्ति कार्बन डाइआक्साइड उत्सर्जन 14.9 टन है। वहीं रूस में 11.4, जापान में 8.5 टन, चीन में प्रति व्यक्ति co2 उत्सर्जन आठ टन है। ग्लोबल कार्बन प्रोजेक्ट द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन डाइआक्साइड उत्सर्जन 2022 में लगभग पांच प्रतिशत बढ़कर दो टन तक पहुंच गया। हालांकि रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह अभी भी वैश्विक औसत के आधे से भी कम है। मंगलवार में रिपोर्ट में आंकड़ें साझा किए गए। जारी रिपोर्ट के मुताबिक, प्रति व्यक्ति उत्सर्जन ग्राफ में अमेरिका शीर्ष पर है। जहां प्रति व्यक्ति कार्बन डाइआक्साइड उत्सर्जन 14.9 टन है। वहीं रूस में 11.4, जापान में 8.5 टन, चीन में प्रति व्यक्ति co2 उत्सर्जन आठ टन, यूरोपीय संघ में 6.2 है। साथ ही रिपोर्ट में दावा किया गया कि औद्योगिक क्रांति के बाद से अमेरिका सबसे बड़ा co2 उत्सर्जक भी है। 1850 से लेकर 2022 तक अमेरिका का संचयी उत्सर्जन 115 गीगाटन co2, जो दुनिया के कुल का 24 प्रतिशत है। यूरोपीय संघ 80 गीगाटन co2 और चीन द्वारा 70 गीगाटन कार्बन था। वहीं भारत ने 1850 के बाद से 15 गीगाटन कार्बन उत्सर्जित किया है, जो विश्व के कुल का केवल तीन प्रतिशत है। ग्लोबल कार्बन प्रोजेक्ट द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि 2022 में भारत का प्रति व्यक्ति उत्सर्जन 5.1 प्रतिशत बढ़कर 2 टन तक पहुंच गया। वैज्ञानिकों ने दावा किया कि कोयले की वृद्धि काफी हद तक बिजली की मांग में उच्च वृद्धि से प्रेरित है, नई नवीकरणीय क्षमता इस वृद्धि को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। चीन में co2 उत्सर्जन में 2023 में चार प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। यूरोपीय संघ में इसमें 7.4 प्रतिशत, अमेरिका में 3 प्रतिशत की गिरावट आई है।