भारत में बनेंगे स्वीडन के कार्ल गुस्ताफ एम-4 हथियार

1.5 किमी दूर टारगेट कर सकता है हिट

भारत में बनेंगे स्वीडन के कार्ल गुस्ताफ एम-4 हथियार

स्वीडन की कंपनी साब  अब भारत में अपनी सबसे चर्चित राइफल कार्ल-गुस्ताफ एम4 रिकॉयललेस का बनाएगी। कंपनी ने 27 सितंबर को इसका एलान किया। कहा- हम प्रोडक्शन बढ़ाना चाहते है। इसलिए साब भारत में कार्ल-गुस्ताफ एम4 वेपन सिस्टम बनाएगी। भारत में साब की फैक्ट्री 2024 में प्रोडक्शन शुरू करेगी और पहला प्रोडक्ट भी 2024 में ही तैयार हो जाएगा। कंपनी के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट गोर्गेन जोहानसन ने कहा- फैक्ट्री ना सिर्फ हथियार बल्कि दुनिया में इस्तेमाल होने वाले अन्य हथियारों के लिए उपकरणों का भी निर्माण करेगी। नई फैक्ट्री के लिए कंपनी कितना इन्वेस्टमेंट करेगी, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। खास बात यह है कि कार्ल-गुस्ताफ एम4 स्वीडन से बाहर पहली बार किसी दूसरे देश में बनेगी।

भारतीय सेना 1976 से यूज कर रही राइफल का पुराना वर्जन
कार्ल-गुस्ताफ एम4 रिकॉयललेस एक राइफल है। इसका इस्तेमाल भारतीय सेना साल 1976 से कर रही है। एलएसी  पर भारत की करीब हर फॉरवर्ड पोस्ट पर भारतीय सेना के जवानों के पास कार्ल-गुस्ताफ के एम2 और एम3 मॉडल हैं। बीते कुछ सालों में कार्ल-गुस्ताफ में दुनियाभर की सेनाओं की दिलचस्पी बढ़ी है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद इसकी डिमांड कई देशों में बढ़ गई है। इसके चलते कंपनी काफी दिनों से इसका उत्पादन बढ़ाने पर विचार कर रही थी।

भारतीय सेना के पास हैं ये वर्जन
इस हथियार के चार वर्जन मौजूद हैं। इसमें एम1, एम2, एम3 और एम4 शामिल हैं। एम1 को साल 1946 में, एम2 को 1964 में, एम3 को 1986 में और कार्ल गुस्ताफ एम4 को 2014 में बनाया गया था। भारत के पास इस हथियार के एम1, एम2, एम3 वर्जन मौजूद हैं। कार्ल-गुस्ताफ सिस्टम एक ऐसा हथियार है, जिससे कंधे पर रखकर फायर किया जाता है। यह दुश्मन को 1500 मीटर तक यानी डेढ़ किलोमीटर की दूरी तक निशाना बना सकता है। यही नहीं यह बख्तर बंद गाड़ियां नष्ट कर सकती है। यह हथियार सटीक तरीके से टार्गेट पर निशाना साध सकता है। सैनिक के पास यह हथियार होने का मतलब है कि उनके पास एक कंप्लीट सिस्टम है, जो दुश्मनों को हराने और टारगेट को पूरा करने में काफी मददगार साबित होता है।