12वीं में 70 फीसदी अंक लाने वाले गरीब परिवार के विद्यार्थियों की फीस सरकार भरेगी

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप के लिए राशि का वितरण किया।

12वीं में 70 फीसदी अंक लाने वाले गरीब परिवार के विद्यार्थियों की फीस सरकार भरेगी

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप के लिए राशि का वितरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राएं शिक्षा के क्षेत्र में कमाल कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि 12वीं कक्षा में 70 प्रतिशत अंक लाने वाले छात्र-छात्रा के माता-पिता की सालाना आय 6 लाख से कम है तो उसकी उच्च शिक्षा की फीस सरकार भरेगी। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि अब आर्थिक तंगी छात्र-छात्राएं की पढ़ाई में बाधा नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि नीट की परीक्षा क्लियर करने के बाद अगर प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में भी प्रवेश मिलता है, तो फीस  सरकार भरेंगी। आप लोग जेईई, क्लैट या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करें। फीस की चिंता बिल्कुन ना करें। मुख्यमंत्री ने माता-पिता से भी अपील करते हुए कहा कि आप बच्चों के ऊपर कभी दबाव ना डालें। सीएम ने कार्यक्रम में कुछ विद्यार्थियों को चेक और प्रमाण पत्र सौंपे। इस पर एक छात्रा सीएम के हाथ से पुरस्कार लेने के लिए भावुक हो गई। 

स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री इंदर सिंह परमार, भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, जिला पंचायत अध्यक्ष भोपाल श्रीमती रामकुंवर गुर्जर तथा प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती अरुण शमी उपस्थित थी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दीप प्रज्ज्‍वलन के बाद कन्या-पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विद्यार्थियों के लिए प्रेरक गीत भी प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा प्रत्येक संभाग से प्रावीण्य सूची में सर्वोच्च अंक प्राप्त दो-दो विद्यार्थियों को प्रतीक स्वरूप चेक प्रदान किए गए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अधिक अंक अर्जित करने के लिए विद्यार्थियों, उनके माता-पिता, शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि मेरी यही कामना है कि आप प्रगति के पथ पर बढ़ते रहें और महान भारत के निर्माण में अपना श्रेष्ठतम योगदान दें। शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। विद्यार्थियों को यह भाव मन में रखना होगा कि यह अभी पड़ाव है मंजिल आगे है और हमें मंजिल पाने के लिए निरंतर दृढ़-संकल्पित होकर परिश्रम करना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आश्वस्त किया कि लेपटॉप के लिए राशि की व्यवस्था कभी बंद नहीं होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वामी विवेकानंद की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्ति जो लक्ष्य तय करता है और प्रयास करता है वह लक्ष्य अवश्य प्राप्त होता है। विद्यार्थी अपने केरियर के संबंध में निर्णय लें और उसके अनुसार पढ़ाई आरंभ करें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विद्यार्थियों को माता-पिता और गुरु का सम्मान करने, बहन-बेटियों के प्रति आदर भाव रखने, कभी नशा नहीं करने और अपने जन्म-दिवस पर एक पौधा अवश्य लगाने का संकल्प दिलाया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पढ़ाई के साथ खेल और सामाजिक सरोकारों के प्रति सक्रियता भी व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं से यह प्रयास कर रही है कि विद्यार्थियों को भविष्य के केरियर के संबंध में पर्याप्त मार्गदर्शन उपलब्ध हो। इस उद्देश्य से यूनिसेफ के सहयोग से एस्पायर पोर्टल चलाया जा रहा है। देश की अग्रणी संस्थाओं के सहयोग से विद्यार्थियों और अभिभावकों की सहायता की जा रही है। साथ ही लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना, सीएम राइज स्कूल, मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना आदि से यह प्रयास किया जा रहा है कि किसी भी मेधावी विद्यार्थी को अपनी पढ़ाई जारी रखने में कोई परेशानी न हो।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भोपाल के श्री आनंद हिरमथ एवं श्री उत्सव सोनी, ग्वालियर की कु. प्रगति मित्तल, श्री लक्षदीप धाकड़, इन्दौर की कु. ईशा निगम एवं कु. हर्षिता संतोष पाण्डेय, जबलपुर की कु. अनुष्का फौजदार एवं कु. वेदांशी दुबे, नर्मदापुरम की कु. सोनम पटेल एवं श्री सौरभ कुमार, रीवा की कु. आस्था सिंह एवं कु. रोशिता सिंह, सागर की कु. इंशिता दुबे एवं कु. अंशिका तिवारी शहडोल के श्री चंद्र प्रकाश प्रजापति, उज्जैन की कु. दिव्यता पटेल और इतिशा चौधरी को लेपटॉप के लिए प्रोत्साहन राशि के चेक प्रतीक स्वरूप प्रदान किए।

स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री इंदर सिंह परमार ने मुख्यमंत्री श्री चौहान का आभार मानते हुए कहा कि उनकी पहल से इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को लेपटॉप उपलब्ध कराना संभव हो पाया है। बदलते परिवेश में विद्यार्थी सक्षमता से आगे बढ़ेंगे और अपना भविष्य सुनिश्चित करते हुए प्रदेश के विकास में सहभागी बनेंगे।