सिंगरौली में हैंडपंप का दूषित पानी बना काल, दर्जनों को पहुंचाना पड़ा अस्पताल

गांव में एसडीएम के साथ स्वास्थ्य विभाग का अमला पहुंचा और हैंडपंप का निरीक्षण करते हुए पानी का सैंपल लिया।  हैंडपंप का जल दूषित कैसे हुआ इसकी जांच कराई जा रही है।  

सिंगरौली में हैंडपंप का दूषित पानी बना काल, दर्जनों को पहुंचाना पड़ा अस्पताल

सिंगरौली। विंध्य क्षेत्र के सिंगरौली जिले में दर्जनों लोग एक साथ बीमार पड़ गए हैं। इसकी बड़ी वजह बताई जा रही है कि हैंडपंप का दूषित जल उगलना। यह घटना जिले के नंदगांव पंचायत की है। यहां लोगों ने हैंडपंप का दूषित पानी पी लिया। जिसके बाद सभी उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई। आनन-फानन में सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं इस घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे प्रशासन ने छानबीन कर हैंडपंप को सील कर दिया है। 

गांव में एसडीएम के साथ स्वास्थ्य विभाग का अमला पहुंचा और हैंडपंप का निरीक्षण करते हुए पानी का सैंपल लिया।  हैंडपंप का जल दूषित कैसे हुआ इसकी जांच कराई जा रही है।  राहत की बात यह है कि अस्पताल में भर्ती किए गए समी मरीजों की हालत में अब सुधार है।  लोगों ने बताया कि वे पिछले 15 वर्ष से हैंडपंप का पानी पी रहे हैं कभी कोई बीमार नहीं हुआ। अचानक से पानी दूषित कैसे हो गया यह तो छानबीन के बाद ही सामने आएगा।  बताया जाता है कि जो लोग बीमार हुए हैं वे हैंडपंप के आसपास ही रहते हैं। सभी ने हैंडपंप के जल का उपयोग किया था।

डोर-टू-डोर शुरू हुआ सर्वे
वही इस पूरे मामले पर सिंगरौली एसडीएम ऋषि पवार ने जानकारी देते हुए बताया कि हैंडपंप का दूषित पानी पीने की वजह से इस यह बीमारी सामने आई है। वहां के ग्रामीण उल्टी-दस्त की शिकायत कर रहे हैं। और अब तक 40 से अधिक लोग इस बीमारी के संपर्क में आ चुके हैं। फिलहाल पूरे गांव में डोर टू डोर सर्वे कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है, एवं पानी पीने वाले लोगों की पहचान कराई जा रही है। ताकि उनको भी टाइम से उपचार उपलब्ध करा कर दूषित पानी के संपर्क में आए लोगों को स्वस्थ्य किया जा सके।