नेपाल आपदा के 10-11 दिन बाद राहत और बचाव अभियान में बड़ी सफलता मिली है। बेट्रावती में मलबे में दबी 60 साल की महिला और अपर त्रिशूली-1 परियोजना क्षेत्र से एक चीनी नागरिक को सुरक्षित बचाया गया।
तिब्बत में 5.0 तीव्रता के भूकंप के झटके, नेपाल सीमा पर ग्लेशियर टूटने से आई बाढ़ और तबाही की पूरी जानकारी। जानें मृतकों, लापता लोगों और ताजा अपडेट्स के बारे में विस्तार से।
नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी-त्रिशूली नदी घाटी में आई विनाशकारी बाढ़ को 7 दिन पूरे हो चुके हैं। जानें मौतों के आंकड़े, हाइड्रोपावर टनलों में बचाव कार्य, सामूहिक दफन और भारत द्वारा दी जा रही मदद की विस्तृत रिपोर्ट
नेपाल में झील टूटने से मचे खतरे के बीच बिहार के वाल्मीकिनगर गंडक बैराज और निचले इलाकों में बाढ़ का हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। जानिए गंडक के जलस्तर और प्रशासनिक तैयारियों का पूरा हाल।
नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास चोचेन और पुरेपु सांगपो नदी के संगम पर बनी झील फटने से बाढ़ का खतरा मंडरा गया है। भारत समेत दोनों देशों में अब तक 552 लोगों की मौत और 1500 से अधिक लापता हैं।
नेपाल में चीन बॉर्डर के पास भीषण बाढ़ से भारी तबाही हुई है। सैकड़ों लोगों की मौत और लापता होने के बाद नेपाल ने घरेलू एजेंसियों पर भरोसा जताते हुए विदेशी रेस्क्यू टीमों के ऑफर्स ठुकरा दिए हैं।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ की त्रासदी में मध्य प्रदेश के कई नागरिक फंस गए हैं। संकट से निपटने के लिए दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद 288 भारतीय लापता और कैलाश मानसरोवर यात्री फंसे। भारत सरकार द्वारा राहत सामग्री, बेली ब्रिज और 24/7 हेल्पलाइन के जरिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।
नेपाल और तिब्बत में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही, 22 की मौत और कई भारतीय लापता। भारत सरकार ने यूपी-बिहार में हाई अलर्ट जारी किया, गंडक बैराज के सभी गेट खुले और वायुसेना राहत कार्य के लिए तैयार।




















