उत्तर प्रदेश में आज एसआईआर के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होगी। दोपहर 3 बजे मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंकड़े साझा करेंगे। दावा किया जा रहा है कि सूची में 2.89 करोड़ फर्जी मतदाताओं के नाम काटे गए हैं।
मध्य प्रदेश में निर्वाचन नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का गणना चरण संपन्न। 5.31 करोड़ से अधिक प्रपत्र जमा। जानें 23 दिसंबर से शुरू होने वाली दावा-आपत्ति प्रक्रिया और नाम जुड़वाने के नियम
रीवा जिले में मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण कार्य समाप्त हो गया है। 13.90 लाख मतदाताओं में से करीब 85 हजार 533 मतदाता नहीं मिल पाए, जिनके फार्म जमा नहीं हुए। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर अब ऐसे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे।
भोपाल निर्वाचन शाखा ने SIR अभियान के तहत 4.38 लाख 'अनकलेक्टेबल' मतदाताओं की पहचान की है। 23 दिसंबर को नई सूची जारी होगी। जानें अपनी विधानसभा का हाल।
सतना जिले की पांचों विधानसभा सीटों में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के दौरान 100% से अधिक डिजिटाइजेशन दर्ज किया गया है। कुल पंजीकृत मतदाताओं से ज्यादा लोगों का सत्यापन होने पर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार 54 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम कट सकते हैं। मृत्यु, स्थान परिवर्तन और अनुपस्थिति जैसे कारण सामने आए हैं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
भारत निर्वाचन आयोग के सचिव बिनोद कुमार ने भोपाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य की समीक्षा की। उन्होंने 'कोई मतदाता न छूटे' सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को घर-घर सत्यापन, बीएलओ मैपिंग और टीम वर्क के साथ काम करने के सख्त निर्देश दिए।
मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के SIR 2026 पुनरीक्षण के नाम पर OTP स्कैम बढ़ गया है। इंदौर क्राइम ब्रांच ने एडवाइजरी जारी कर नागरिकों को सतर्क रहने और किसी को भी ओटीपी न देने की अपील की है।
भोपाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत 2003 की वोटर लिस्ट खोजने के लिए https://sirbhopal.com पोर्टल शुरू। कलेक्टर ने दी जानकारी, लेकिन केवल 7.37% फॉर्म वापस आना प्रशासन के लिए चिंता का विषय।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर निर्वाचन आयोग पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आयोग को साबित करना होगा कि वह BJP की छाया में काम नहीं कर रहा है।
बिहार की तर्ज पर अब मध्य प्रदेश में भी वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) होगा। चुनाव आयोग ने इसकी घोषणा कर दी है। जानें क्या है एसआईआर, कौन से दस्तावेज मांगे जाएंगे और क्यों हो रहा यह गहन पुनरीक्षण।





















