केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव किया है। 17 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाली 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले 17 लाख छात्रों की कॉपियां अब डिजिटल मोड में जांची जाएंगी।
By: Arvind Mishra
Feb 12, 202611:21 AM

भोपाल। स्टार समाचार वेब
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव किया है। 17 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाली 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले 17 लाख छात्रों की कॉपियां अब डिजिटल मोड में जांची जाएंगी। बोर्ड ने निर्णय लिया है कि 1 करोड़ कॉपियों के 32 करोड़ पन्नों का मूल्यांकन आनस्क्रीन किया जाएगा। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि आनस्क्रीन मूल्यांकन की यह व्यवस्था केवल 12वीं कक्षा के लिए लागू की गई है। 10वीं कक्षा के छात्रों की कॉपियों की जांच अभी पुरानी पद्धति से ही की जाएगी।
पारदर्शिता और सटीकता पर फोकस
सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक के अनुसार, इस डिजिटल कदम से न केवल करोड़ों कॉपियों को एक शहर से दूसरे शहर ले जाने का ट्रांसपोर्ट खर्च बचेगा, बल्कि समय की भी भारी बचत होगी। शिक्षक अपने ही स्कूल की कंप्यूटर लैब में बैठकर कॉपियां जांच सकेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि आॅनस्क्रीन जांच के दौरान छात्र का नाम या रोल नंबर गुप्त रहेगा, जिससे पक्षपात की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।
सात चरणों में होगी मूल्यांकन प्रक्रिया