14 फरवरी 2026 का विस्तृत पंचांग। जानें आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र और शनि प्रदोष व्रत का विशेष महत्व।
By: Ajay Tiwari
Feb 14, 20261:01 AM
धर्म डेस्क. स्टार समाचार वेब
शनिवार, 14 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। आज का दिन शनि देव की आराधना और पितृ कार्यों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
सूर्योदय: प्रातः 07:01 बजे
सूर्यास्त: सायं 06:10 बजे
चन्द्रोदय: प्रातः 04:36 बजे (15 फरवरी)
चन्द्रास्त: दोपहर 02:44 बजे
तिथि: द्वादशी (सायं 05:45 बजे तक, उसके बाद त्रयोदशी)
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा (दोपहर 12:20 बजे तक, उसके बाद उत्तराषाढ़ा)
पक्ष: कृष्ण पक्ष
मास: फाल्गुन
योग: सिद्धि (प्रातः 09:12 बजे तक, उसके बाद व्यतिपात)
करण: कौलव (प्रातः 07:22 बजे तक), तैतिल (सायं 05:45 बजे तक)
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक (किसी भी शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ)
अमृत काल: प्रातः 07:44 बजे से 09:10 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05:25 बजे से 06:13 बजे तक
राहुकाल: प्रातः 09:48 बजे से 11:12 बजे तक (इस समय शुभ कार्यों से बचें)
यमगण्ड: दोपहर 01:59 बजे से 03:23 बजे तक
गुलिक काल: प्रातः 07:01 बजे से 08:24 बजे तक
दुर्मुहूर्त: प्रातः 07:01 बजे से 08:31 बजे तक
प्रदोष व्रत (शनि प्रदोष): आज सायं काल में त्रयोदशी तिथि का स्पर्श होने के कारण शनि प्रदोष का व्रत रखा जाएगा। यह योग कर्ज मुक्ति और संतान सुख के लिए अत्यंत लाभकारी है।
विजया एकादशी पारण: जिन लोगों ने विजया एकादशी का व्रत रखा है, उनके लिए पारण का समय प्रातः काल में रहेगा।