मैहर बाईपास स्थित नए आईएसबीटी से बस संचालन शुरू होते ही प्रशासन ने सख्ती दिखाई। पुराने बस स्टैंड और पेट्रोल पंपों पर खड़ी बसों पर चालानी कार्रवाई कर रीवा-अमरपाटन रूट की बसें हटाई गईं।
By: Star News
Jan 16, 20264:06 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मैहर बाईपास में 31.15 करोड़ की लागत से बने अंर्तराज्यीय बस स्टैंड से गुरुवार से बसों का संचालन शुरू हो गया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहले दिन सिर्फ सूत्र सेवा की बसें आईएसबीटी पहुंची। इसके बाद अपने निर्णय के पालन पर उतरे प्रशासन ने जब दबाव बनाया तो निजी ऑपरेटर भी दोपहर तक नए बस स्टैंड पहुंचे। हालांकि निजी ऑपरेटरों की ज्यादातर बसें खाली ही गईं।
आठ बसों का चालान: आमने-सामने की आई स्थिति
बताया जाता है कि जब नए बस स्टैंड से बसों का संचालन नहीं शुरू हुआ तो प्रशासनिक अमला सड़क पर उतर आया और चालानी कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान सतना से रीवा और सतना से अमरपाटन-मैहर रूट की 8 ऐसी बसों पर कार्रवाई की गई जो पुराने बस स्टैंड पर खड़ी थीं। प्रशासन की इस कार्रवाई से बस ऑपरेटरों का पारा चढ़ गया और उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध शुरू करते हुए कहा कि हमारी मांगे पूरी हुई नहीं और यह कार्रवाई प्रशासन द्वारा की जा रही है जो कि उचित नहीं है। बस ऑपरेटरों का यहां तक कहना था कि कलेक्टर ने सड़कों से बसें हटाने व कार्रवाई के निर्देश दिए हैं स्टैंड से नहीं। जानकारी के मुताबिक बस स्टैंड में खड़ी आठ बसों पर चालानी कार्रवाई की गई यह कार्रवाई ऑनलाइन हुई। कार्रवाई में 2500 रुपए राजस्व भी जमा कराया गया।
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पेट्रोल पम्प में खड़ी बसों पर कार्रवाई
आईएसबीटी टर्मिनल से बसों के संचालन के लिए प्रशासन की सख्ती देखते हुए निजी बस ऑपरेटरों ने पुराने बस स्टैंड से हटाकर अपनी बसें पेट्रोल पम्प में खड़ी करवा दीं। यह जानकारी लगते ही एसडीएम सिटी राहुल सिलाड़िया, डीएसपी ट्रैफिक संजय खरे, टीआई ट्रैफिक पंकज शुक्ला, दलबल के साथ रीवा रोड पर स्थित पेट्रोल पम्पों की जांच शुरू की। जांच के दौरान सीताराम पेट्रोल पम्प में कई यात्री बसें खड़ी मिली। पेट्रोल पम्प में खड़ी यात्री बसों का चालान किया गया। एसडीएम सिटी एवं डीएसपी ट्रैफिक ने पेट्रोल पम्प संचालकों को चेतावनी दी है कि वे अपने पम्प परिसर में यात्री बसों को पार्किंग के लिए जगह न दें। अगर पेट्रोल पम्प परिसर पर यात्री बसें खड़ी पाई जाएंगी तो न सिर्फ बस के खिलाफ चालान काटा जाएगा बल्कि पेट्रोल पम्प के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
परेशान होते रहे यात्री
आईएसबीटी से बसों के संचालन के पहले दिन बस ऑपरेटरों और यात्रियों दोनों को परेशानियां हुईं। पहले दिन कई बसें जहां अपने रूट पर खाली गईं वहीं कई यात्रियों को बसों के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
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व्यवस्था बनाने में जुटा रहा अमला
नए बस स्टैंड से बसों का विधिवत संचालन शुरू हो सके इसके लिए प्रशासनिक अमला सुबह से ही व्यवस्था बनाने में जुटा रहा। कहीं दबाव बनाकर तो कहीं पर बातचीत के रास्ते बस संचालन की रणनीति बनाई गई। दोपहर में जहां कार्रवाई हुई वहीं शाम को बैठकों का दौर चला। बस संचालन के लिए व्यवस्था बनाने में एसडीएम राहुल सिलाड़िया के अलावा नगर निगम के उपायुक्त सत्यम मिश्रा, ट्रैफिक डीएसपी संजय खरे, आरटीओ संजय श्रीवास्तव, ट्रैफिक प्रभारी पंकज शुक्ला, नगर निगम के कार्यपालन यंत्री आरपी सिंह, सहायक यंत्री उत्कर्ष सिंह, चीफ आॅपरेटिंग आफीसर नगर निगम परिवहन नीतेश मोडिया समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
तलब किए गए पीडब्ल्यूडी के अधिकारी
नए बस स्टैंड से बसों के संचालन में चौड़ीकरण के लिए खोदा गया मैहर बाईपास भी एक बड़ी समस्या है और बस ऑपरेटरों की मांग भी है। इसे देखते हुए गुरूवार को पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को एसडीएम ने तलब कर जल्द से जल्द सड़क के चौड़ीकरण के कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए। ताकि जाम की स्थिति न उत्पन्न हो।
एसडीएम ने स्वयं खींची फोटो
नए बस स्टैण्ड से बसों के संचालन और पुराने बस स्टैण्ड से सतना-रीवा और सतना-अमरपाटन और मैहर रूट की बसों को हटाने की कार्यवाही किए जाने के बाद एसडीएम राहुल सिलाड़िया ने स्वयं फोटो खींच कर कलेक्टर को भेजी और उन्हे जानकारी दी।
पार्षद ने सजाई थाल
इस बीच एक भाव पूर्ण वाकया भी सामने आया। जहां एक ओर निजी ऑपरेटर्स का रवैया प्रशासन को लेकर ठीक नहीं था वहीं नए बस स्टैंड में स्वागत की तैयारी भी की गई थी। आईएसबीटी में बसों और यात्रियों के स्वागत के लिए वार्ड क्रमांक 16 की पार्षद ऊषा गंगा कुशवाहा ने बकायदा थाल सजा लाई थी।
स्लीपर बसों में हों पांच इमरजेंसी गेट
एक तरफ नए बस स्टैंड से बसों के संचालन की प्रक्रिया दिनभर चली तो दूसरी तरफ शाम को स्लीपर बसों को लेकर ट्रांसपोर्ट कमिश्नर द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन को लेकर आरटीओ और बस संचालकों के बीच एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें स्लीपर बसों के निर्माण से लेकर उनमें उपलब्ध कराई जाने वाली व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए गए। जिसमें सभी स्लीपर बसों में अग्नि शमन यंत्र अनिवार्य करते हुए कहा गया है कि आग बुझाने वाला 10 किलो का सिलेंडर बसों में हर हालत में लगाएं। स्लीपर बसों में मुख्य गेट के साथ ही पांच इमरजेंसी गेट अवश्य रहें और आपातकालीन द्वार के पास हथौड़ी रखी जाए।
अधिकृत कम्पनियों से ही बनवाएं बसें
बैठक के दौरान आरटीओ संजय श्रीवास्तव ने ट्रांसपोर्ट कमिश्नर द्वारा दिए गए निर्देशों की जानकारी बस ऑपरेटरों को देते हुए बताया कि स्लीपर बसों की चेचिस बड़ी न रहे और सभी बसें अधिकृत कम्पनियों से ही बनवाई जाएं।