1 जनवरी 2026 का विस्तृत पंचांग। जानें गुरुवार का सूर्योदय समय, तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और नए साल की शुरुआत के लिए सबसे शुभ मुहूर्त
By: Star News
Jan 01, 20261:44 AM
धर्म डेस्क. स्टार समाचार वेब
नया साल, नई शुरुआत: वर्ष 2026 का पहला दिन गुरुवार से शुरू हो रहा है। गुरुवार भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति का दिन माना जाता है, जो सुख, समृद्धि और ज्ञान के प्रतीक हैं।
तारीख: 1 जनवरी 2026
दिन: गुरुवार (Thursday)
हिंदी महीना: पौष (Pausha)
पक्ष: शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha)
तिथि: त्रयोदशी (Trayodashi) - दोपहर 01:21 बजे तक, उसके बाद चतुर्दशी।
विक्रम संवत: 2082
शक संवत: 1947
अयन: उत्तरायण (Uttarayana)
सूर्योदय (Sunrise): प्रातः 07:13 बजे
सूर्यास्त (Sunset): सायं 05:35 बजे
चंद्रोदय (Moonrise): दोपहर 03:44 बजे
चंद्रास्त (Moonset): अगले दिन प्रातः 05:46 बजे (2 जनवरी)
चंद्र राशि: वृषभ (Taurus)
नक्षत्र: रोहिणी (Rohini) - दोपहर 02:44 बजे तक, फिर मृगशिरा नक्षत्र।
योग: शुक्ल (Shukla) - रात्रि 09:12 बजे तक, फिर ब्रह्म योग।
करण: तैतिल (Taitila) - दोपहर 01:21 बजे तक, फिर गर करण।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:03 बजे से 12:45 बजे तक (किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए सर्वश्रेष्ठ समय)।
अमृत काल: सुबह 11:15 बजे से दोपहर 12:58 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:08 बजे से 02:50 बजे तक।
राहुकाल (Rahukaal): दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक (इस समय शुभ कार्य टालने चाहिए)।
यमगण्ड: सुबह 06:00 बजे से 07:30 बजे तक।
गुलिक काल: सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक।
दिशा शूल: दक्षिण (गुरुवार को दक्षिण दिशा में यात्रा वर्जित मानी जाती है, यदि आवश्यक हो तो दही खाकर निकलें)।
1 जनवरी 2026 को रोहिणी नक्षत्र और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी का संयोग है। रोहिणी नक्षत्र को अत्यंत शुभ और रचनात्मक माना जाता है। चूंकि यह वर्ष का पहला दिन है और गुरुवार का संयोग है, इसलिए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करना पूरे वर्ष के लिए आर्थिक समृद्धि और खुशहाली लाने वाला माना जा रहा है।