प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। ₹2,742 करोड़ के कोयला घोटाले की जांच के दौरान ईडी अधिकारियों को धमकाने और साक्ष्य (लैपटॉप, मोबाइल) जबरन ले जाने के आरोप में सीएम के खिलाफ CBI जांच की मांग की गई है।
By: Ajay Tiwari
Jan 12, 20261:03 PM
नई दिल्ली: स्टार समाचार वेब
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की है। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कोलकाता में छापेमारी के दौरान सीएम ममता बनर्जी और राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने न केवल कार्रवाई में बाधा डाली, बल्कि अधिकारियों को डराया और धमकाया भी। मामला ₹2,742 करोड़ के कोयला घोटाले से जुड़ा है।

याचिका के अनुसार, 8 जनवरी को तलाशी अभियान के दौरान सीएम ममता बनर्जी, डीजीपी राजीव कुमार और सीपी मनोज वर्मा ने कथित तौर पर जबरन प्रवेश कर कार्यवाही को रोका। ED का आरोप है कि मुख्यमंत्री 100 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं और जांच एजेंसी द्वारा जब्त किए गए लैपटॉप, मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को ट्रक में भरकर ले गईं। याचिका में यह भी कहा गया है कि टीएमसी समर्थकों ने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए सुनियोजित तरीके से हाई कोर्ट की कार्यवाही में बाधा डालने और उसे 'हाईजैक' करने की कोशिश की। करीब 2,742 करोड़ रुपये के कोयला घोटाले में 8 जनवरी की तलाशी में बाधा डालने के आरोप में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, डीजीपी राजीव कुमार और सीपी मनोज वर्मा के खिलाफ CBI, FIR दर्ज कर जांच कराई जाए।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि इस पूरे मामले में सीएम ममता बनर्जी और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ CBI से FIR दर्ज कराकर जांच कराई जाए।

यह भी पढ़ें...