ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की GDP ग्रोथ पर नए आंकड़े जारी किए हैं। मजबूत बैंकिंग सिस्टम, भारत-अमेरिका ट्रेड डील और टैक्स छूट के कारण भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
By: Star News
Feb 09, 20266:53 PM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारतीय अर्थव्यवस्था के भविष्य को लेकर उत्साहजनक पूर्वानुमान जारी किए हैं। सोमवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की सकल घरेलू उत्पाद की विकास दर 6.4% रहने की संभावना है। मूडीज का मानना है कि यह विकास दर दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं वाले G20 समूह के देशों में सर्वाधिक होगी। इस तीव्र प्रगति के पीछे मजबूत घरेलू खपत, सरकार के प्रभावी नीतिगत निर्णय और देश के सुदृढ़ बैंकिंग सिस्टम को प्रमुख आधार माना गया है।
सरकार और आरबीआई के अनुमानों से तुलना
मूडीज का यह ताजा अनुमान भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा व्यक्त की गई उम्मीदों से थोड़ा कम है। हाल ही में संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) में वित्त वर्ष 2027 के लिए विकास दर का लक्ष्य 6.8% से 7.4% के बीच रखा गया था। वहीं, रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति समिति की बैठक में वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही के लिए लगभग 7% की दर से वृद्धि की संभावना जताई है।
खपत और मांग को मिलेगा टैक्स सुधारों का लाभ
रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि सितंबर 2025 में जीएसटी (GST) नियमों में किए गए बदलाव और व्यक्तिगत आयकर (Personal Income Tax) की सीमा में वृद्धि से आम आदमी की बचत बढ़ेगी। लोगों के पास खर्च योग्य आय (Disposable Income) अधिक होने से बाजार में मांग में तेजी आएगी, जो सीधे तौर पर आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगी। बैंकिंग सेक्टर के बारे में मूडीज ने कहा है कि भारतीय बैंकों की ऋण वृद्धि 11-13% रहने का अनुमान है और एनपीएल (NPL) स्तर 2% से 2.5% के सुरक्षित दायरे में रहेगा।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील और ब्याज दरों में कटौती
फरवरी 2026 में भारत और अमेरिका के बीच हस्ताक्षरित ऐतिहासिक ट्रेड डील को भी अर्थव्यवस्था के लिए 'गेम चेंजर' बताया गया है। इससे निर्यात क्षेत्र की कंपनियों को मजबूती मिलेगी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) पर वित्तीय दबाव कम होगा। इसके अतिरिक्त, महंगाई नियंत्रण में होने के कारण RBI द्वारा ब्याज दरों में और कटौती की संभावना जताई गई है। गौरतलब है कि साल 2025 में रेपो रेट में 1.25% की कटौती की जा चुकी है, जिससे वर्तमान में यह 5.25% पर है।
जीडीपी (GDP) का गणित: एक नजर में
जीडीपी किसी देश की आर्थिक सेहत का पैमाना होती है, जो एक निश्चित समय सीमा में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य को दर्शाती है। इसकी गणना के लिए C+G+I+NX (निजी खपत + सरकारी खर्च + निवेश + नेट एक्सपोर्ट) के फॉर्मूले का उपयोग किया जाता है। भारत की जीडीपी में निजी खपत और बिजनेस ग्रोथ का सबसे बड़ा योगदान होता है, जबकि आयात अधिक होने के कारण नेट डिमांड का प्रभाव अक्सर नकारात्मक रहता है।