मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन को राहत देते हुए अवमानना की सजा के आदेश को निरस्त कर दिया है।
By: Ajay Tiwari
Feb 19, 20264:00 PM
जबलपुर। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य पीठ ने भोपाल नगर निगम आयुक्त (IAS) संस्कृति जैन के खिलाफ चल रही अवमानना की कार्रवाई को पूरी तरह निरस्त कर दिया है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने एकलपीठ के उस पुराने आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें उन्हें दोषी करार देते हुए सजा सुनाने की तैयारी की गई थी।
यह विवाद मर्लिन बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड की श्यामला हिल्स (नादिर कॉलोनी) स्थित एक बिल्डिंग के हिस्से को तोड़ने से शुरू हुआ था। नगर निगम ने अगस्त 2025 में बिल्डिंग की अनुमति निरस्त कर दी थी। मामला कोर्ट में लंबित होने के बावजूद 18 जनवरी को निगम ने निर्माण का एक हिस्सा ढहा दिया।
इस पर हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सख्त रुख अपनाते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट द्वारा 'डेमोलिशन ऑफ स्ट्रक्चर' के लिए तय गाइडलाइंस का उल्लंघन माना था। कोर्ट ने निगमायुक्त को व्यक्तिगत रूप से तलब कर उन्हें अवमानना का दोषी माना था।
IAS संस्कृति जैन की ओर से दायर अपील में तर्क दिया गया कि नगर निगम ने किसी भी अदालती आदेश का जानबूझकर उल्लंघन नहीं किया है। याचिकाकर्ता (बिल्डर) ने अपनी मूल याचिका में यह आरोप नहीं लगाया था कि निगम ने किसी विशिष्ट न्यायिक आदेश की अवहेलना की है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के उल्लंघन के मामले में अधीनस्थ न्यायालय इस तरह अवमानना की कार्यवाही नहीं कर सकता जब तक कि स्पष्ट उल्लंघन न हो।
सुनवाई के बाद युगलपीठ ने एकलपीठ के फैसले को त्रुटिपूर्ण मानते हुए आयुक्त को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया और अवमानना की कार्यवाही समाप्त करने के आदेश जारी किए।