10 जनवरी 2026 का विस्तृत हिंदी पंचांग। आज माघ कृष्ण पक्ष की सप्तमी-अष्टमी तिथि और कालाष्टमी व्रत है। जानें सूर्योदय, सूर्यास्त, शुभ मुहूर्त और राहुकाल का सही समय।
By: Ajay Tiwari
Jan 10, 20261:00 AM
भारतीय वैदिक ज्योतिष में पंचांग का विशेष महत्व है। पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की सटीक जानकारी प्राप्त करते हैं। 10 जनवरी 2026, शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन कालाष्टमी का व्रत रखा जाएगा। साथ ही, यह दिन माघ मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी और अष्टमी तिथियों के मिलन का साक्षी बनेगा। आइए जानते हैं आज के ग्रह-नक्षत्रों की चाल और शुभ-अशुभ समय का पूरा विवरण।
सामान्य विवरण:
तारीख: 10 जनवरी 2026
वार: शनिवार
मास: माघ (पूर्णिमांत), पौष (अमांत)
पक्ष: कृष्ण पक्ष
ऋतु: शिशिर
संवत: विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947
तिथि और नक्षत्र:
तिथि: सप्तमी (प्रातः 08:23 तक), उसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ।
नक्षत्र: हस्त (दोपहर 03:40 तक), उसके बाद चित्रा नक्षत्र प्रारंभ।
योग: अतिगण्ड (शाम 04:59 तक), उसके बाद सुकर्मा योग।
करण: बव (प्रातः 08:23 तक), बालव (रात 09:17 तक), फिर कौलव।
सूर्य और चंद्र गणना:
सूर्योदय: प्रातः 07:15 बजे
सूर्यास्त: सायं 05:42 बजे
चन्द्रोदय: रात्रि 12:42 बजे (11 जनवरी तड़के)
चन्द्रास्त: प्रातः 11:33 बजे
चंद्र राशि: कन्या (पूरी रात)
किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए इन मुहूर्तों का पालन करना श्रेष्ठ माना जाता है:
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:08 बजे से 12:50 बजे तक (सबसे श्रेष्ठ समय)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05:27 बजे से 06:21 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:13 बजे से 02:55 बजे तक
अमृत काल: सुबह के समय (नक्षत्र अनुसार गणना)
इन समयों में महत्वपूर्ण निर्णय या नए कार्यों के आरंभ से बचना चाहिए:
राहुकाल: प्रातः 09:52 बजे से 11:10 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 01:47 बजे से 03:05 बजे तक
गुलिक काल: प्रातः 07:15 बजे से 08:34 बजे तक
कालाष्टमी: आज भगवान भैरव की पूजा का विशेष दिन है। भक्त इस दिन उपवास रखकर संकटों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं।
शनिवार का महत्व: शनि देव की आराधना के लिए आज का दिन उत्तम है। पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाना और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का जाप करना लाभकारी रहेगा।
दिशाशूल: आज पूर्व दिशा में दिशाशूल है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो अदरक या गुड़ खाकर प्रस्थान करें।