आज 18 फरवरी 2026 का विस्तृत पंचांग देखें। जानें फाल्गुन शुक्ल प्रतिपदा की तिथि, शतभिषा नक्षत्र का समय और राहुकाल की सटीक जानकारी। शुभ कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त यहाँ उपलब्ध है
By: Ajay Tiwari
Feb 18, 20261:00 AM
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, 18 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि फाल्गुन का महीना शुरू हो चुका है, जो होली और महाशिवरात्रि जैसे बड़े त्योहारों का आगमन लेकर आता है। आज शतभिषा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो राहु के आधिपत्य वाला नक्षत्र है और नई शुरुआत के लिए विचारणीय माना जाता है।
तारीख: 18 फरवरी 2026, बुधवार
संवत: विक्रम संवत - 2082 (नल), शक संवत - 1947 (क्रोधन)
मास: फाल्गुन (अमान्त और पूर्णिमान्त दोनों के अनुसार)
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: प्रतिपदा (सुबह 09:12 बजे तक, उसके बाद द्वितीया)
| विवरण | समय/स्थिति |
| नक्षत्र | शतभिषा (शाम 04:35 बजे तक, फिर पूर्वाभाद्रपद) |
| योग | साध्य (शाम 05:48 बजे तक, फिर शुभ) |
| करण | बव (सुबह 09:12 बजे तक, फिर बालव) |
| चंद्र राशि | कुंभ (पूरे दिन और रात) |
| सूर्य राशि | कुंभ |
| सूर्योदय | सुबह 06:58 बजे |
| सूर्यास्त | शाम 06:13 बजे |
अभिजीत मुहूर्त: आज कोई नहीं है (बुधवार को विशेष सावधानी रखें)।
अमृत काल: सुबह 08:44 से 10:21 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:28 से 03:13 बजे तक।
राहुकाल: दोपहर 12:35 से 02:00 बजे तक (इस समय शुभ कार्य टालें)।
यमगण्ड: सुबह 08:22 से 09:47 बजे तक।
गुलिक काल: सुबह 11:11 से 12:35 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:13 से 12:58 बजे तक।
चूँकि आज बुधवार है और शतभिषा नक्षत्र है, इसलिए भगवान गणेश की पूजा करना और पक्षियों को सात प्रकार का अनाज (सप्तधान्य) डालना अत्यंत लाभकारी रहेगा। व्यापारिक निर्णयों के लिए दोपहर 3 बजे के बाद का समय अधिक अनुकूल है।