रीवा जिले के सरकारी कॉलेजों में इस बार एडमिशन प्रक्रिया बुरी तरह फ्लॉप रही। 18 कॉलेजों में कुल 27,445 सीटों में से 10,142 सीटें खाली रह गईं। खासकर बैकुंठपुर और संस्कृत कॉलेजों की हालत बेहद खराब है। बैकुंठपुर कॉलेज में 1260 सीटों में से केवल 39 पर ही एडमिशन हुआ। कई नामी कॉलेज भी सीटें नहीं भर पाए, जिससे उच्च शिक्षा की गिरती मांग पर सवाल उठ रहे हैं।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
सरकारी कॉलेजों की हालत खराब है। नामी कॉलेज भी इस बार सीटें नहीं भर पाए। रीवा के 18 कॉलेजों में 10 हजार सीटें खाली रह गई हैं। बैकुंठपुर, संस्कृत कॉलेजों की सबसे ज्यादा हालात खराब हैं। इन कॉलेजों में ताला लगने की नौबत आन खड़ी हो गई है।
उच्च शिक्षा विभाग ने इस बार कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया सितंबर महीने तक जारी रखी। सीएलसी के राउंड चलते रहे लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी छात्र नहीं मिले। रीवा में 18 शासकीय कॉलेज संचालित हैं। यदि विधि महाविद्यालय को छोड़ दिया जाए तो शेष कॉलेजों की हालत खराब है। कोई भी महाविद्यालय शतप्रतिशत नहीं भर पाया। नामी कॉलेजों को भी एडमिशन के लिए छात्र नहीं मिल पा रहे हैं। जिन कॉलेजों में मारामारी मचती थी। वहां भी एडमिशन के लाले पड़ गए हैं। कॉलेजों में प्रवेश की घटती संख्या और डिमांड चिंता का विषय बन गया है। यह सिर्फ सरकार ही नहीं कॉलेजों में पढ़ाने वाले प्राध्यापक और अतिथि विद्वानों के लिए भी खतरे की घंटी है।
नए कॉलेजों की हालत खराब
रीवा में नए कॉलेज छात्रों की सुविधाओं के हिसाब से खोले गए लेकिन इन्हें सिरे से नकार दिया गया है। बैकुंठपुर कॉलेज में खाली की घोषणा हुई। कॉलेज शुरू भी कर दिया गया लेकिन यहां सिर्फ 39 छात्रों ने ही प्रवेश लिया है। वहीं सीटों की संख्या 1260 रखी गई थी। सिर्फ 3 फीसदी सीटें ही भर पाई। वेंकट संस्कृत महाविद्यालय की भी हालत ऐसी ही है। यहां 400 सीटों में 8 सीटें ही भर पाई है। गोविंदगढ़ कॉलेज 50 फीसदी एडमिशन भी नहीं कर पाया। यहां भवन नहीं है। जर्जर भवन के कारण छात्रों की रुचि नहीं रह गई है। 150 सीटें थी इसमें से 70 खाली रह गई हैं।
छात्र कहां गए यह खोज का विषय
12वीं एमपी बोर्ड और सीबीएसई से बड़ी संख्या में छात्र पासआउट हुए। इनमें से अधिकांश छात्रों ने एडमिशन ही नहीं लिए। इसके कारण ही रीवा के कॉलेजों में एडमिशन का ग्राफी नीचे पहुंच गया। अब यह छात्र कहां गए यहां किसी के समा में नहीं आ रहा है, जो चिंता का कारण बन गया है। यदि आगे भी यही हालात रहे तो जो कॉलेज खुले हैं। उनमें ताला लगना भी शुरू हो जाएगा।
इन कॉलेजों ने ही बचाई लॉज
रीवा के कुछ सरकारी कॉलेज ऐसे हैं, जहां छात्रों ने एडमिशन लिया है। इस मामले में पीएमश्री आदर्श विज्ञान महाविद्यालय सबसे ऊपर है। यहां छात्र छात्राओं ने जमकर एडमिशन लिया। छात्राआें की संख्या यहां ज्यादा है। 3216 छात्रों ने प्रवेश लिया है। इसके अलावा टीआरएस में 5 हजार 176 छात्रों ने एडमिशन लिया जो अन्य कॉलेजों की तुलना में सबसे अधिक है। जीडीसी का एडमिशन ग्राफ तेजी से गिरा है। यहां 1740 सीटें खाली रह गईं। सबसे अच्छी पॉजीशन पर विधि महाविद्यालय हैं। यहां एडमिशन के लिए मारा मारी मची थी। सिर्फ 1 सीट ही खाली है।
शासकीय महाविद्यालयों में यूजी और पीजी में प्रवेश की स्थिति

मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह