रीवा जिले के सरकारी कॉलेजों में इस बार एडमिशन प्रक्रिया बुरी तरह फ्लॉप रही। 18 कॉलेजों में कुल 27,445 सीटों में से 10,142 सीटें खाली रह गईं। खासकर बैकुंठपुर और संस्कृत कॉलेजों की हालत बेहद खराब है। बैकुंठपुर कॉलेज में 1260 सीटों में से केवल 39 पर ही एडमिशन हुआ। कई नामी कॉलेज भी सीटें नहीं भर पाए, जिससे उच्च शिक्षा की गिरती मांग पर सवाल उठ रहे हैं।
By: Yogesh Patel
Sep 17, 202510:06 PM
हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
सरकारी कॉलेजों की हालत खराब है। नामी कॉलेज भी इस बार सीटें नहीं भर पाए। रीवा के 18 कॉलेजों में 10 हजार सीटें खाली रह गई हैं। बैकुंठपुर, संस्कृत कॉलेजों की सबसे ज्यादा हालात खराब हैं। इन कॉलेजों में ताला लगने की नौबत आन खड़ी हो गई है।
उच्च शिक्षा विभाग ने इस बार कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया सितंबर महीने तक जारी रखी। सीएलसी के राउंड चलते रहे लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी छात्र नहीं मिले। रीवा में 18 शासकीय कॉलेज संचालित हैं। यदि विधि महाविद्यालय को छोड़ दिया जाए तो शेष कॉलेजों की हालत खराब है। कोई भी महाविद्यालय शतप्रतिशत नहीं भर पाया। नामी कॉलेजों को भी एडमिशन के लिए छात्र नहीं मिल पा रहे हैं। जिन कॉलेजों में मारामारी मचती थी। वहां भी एडमिशन के लाले पड़ गए हैं। कॉलेजों में प्रवेश की घटती संख्या और डिमांड चिंता का विषय बन गया है। यह सिर्फ सरकार ही नहीं कॉलेजों में पढ़ाने वाले प्राध्यापक और अतिथि विद्वानों के लिए भी खतरे की घंटी है।
नए कॉलेजों की हालत खराब
रीवा में नए कॉलेज छात्रों की सुविधाओं के हिसाब से खोले गए लेकिन इन्हें सिरे से नकार दिया गया है। बैकुंठपुर कॉलेज में खाली की घोषणा हुई। कॉलेज शुरू भी कर दिया गया लेकिन यहां सिर्फ 39 छात्रों ने ही प्रवेश लिया है। वहीं सीटों की संख्या 1260 रखी गई थी। सिर्फ 3 फीसदी सीटें ही भर पाई। वेंकट संस्कृत महाविद्यालय की भी हालत ऐसी ही है। यहां 400 सीटों में 8 सीटें ही भर पाई है। गोविंदगढ़ कॉलेज 50 फीसदी एडमिशन भी नहीं कर पाया। यहां भवन नहीं है। जर्जर भवन के कारण छात्रों की रुचि नहीं रह गई है। 150 सीटें थी इसमें से 70 खाली रह गई हैं।
छात्र कहां गए यह खोज का विषय
12वीं एमपी बोर्ड और सीबीएसई से बड़ी संख्या में छात्र पासआउट हुए। इनमें से अधिकांश छात्रों ने एडमिशन ही नहीं लिए। इसके कारण ही रीवा के कॉलेजों में एडमिशन का ग्राफी नीचे पहुंच गया। अब यह छात्र कहां गए यहां किसी के समा में नहीं आ रहा है, जो चिंता का कारण बन गया है। यदि आगे भी यही हालात रहे तो जो कॉलेज खुले हैं। उनमें ताला लगना भी शुरू हो जाएगा।
इन कॉलेजों ने ही बचाई लॉज
रीवा के कुछ सरकारी कॉलेज ऐसे हैं, जहां छात्रों ने एडमिशन लिया है। इस मामले में पीएमश्री आदर्श विज्ञान महाविद्यालय सबसे ऊपर है। यहां छात्र छात्राओं ने जमकर एडमिशन लिया। छात्राआें की संख्या यहां ज्यादा है। 3216 छात्रों ने प्रवेश लिया है। इसके अलावा टीआरएस में 5 हजार 176 छात्रों ने एडमिशन लिया जो अन्य कॉलेजों की तुलना में सबसे अधिक है। जीडीसी का एडमिशन ग्राफ तेजी से गिरा है। यहां 1740 सीटें खाली रह गईं। सबसे अच्छी पॉजीशन पर विधि महाविद्यालय हैं। यहां एडमिशन के लिए मारा मारी मची थी। सिर्फ 1 सीट ही खाली है।
शासकीय महाविद्यालयों में यूजी और पीजी में प्रवेश की स्थिति