सतना के भरहुत नगर स्थित अडानी सीमेंट कार्यालय के बाहर रविवार को बेरोजगारी का दर्द साफ नजर आया। सीधी भर्ती के लिए बुलाए गए सैकड़ों युवा सुबह से लाइन में खड़े रहे, लेकिन अव्यवस्थित व्यवस्था के चलते हालात बेकाबू हो गए। कटनी, मैहर और पन्ना सहित आसपास के जिलों से आए युवाओं ने नौकरी की उम्मीद में घंटों इंतजार किया।
By: Yogesh Patel
Feb 03, 202611:59 AM
हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
आंखों में नौकरी का सपना, हाथों में फाइल और दिल में अनगिनत सवाल? रविवार को सतना के भरहुत नगर स्थित अडानी सीमेंट कार्यालय के बाहर यही तस्वीर दिखी। दूर-दराज से आए सैकड़ों बेरोजगार युवा घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन जब भीतर जाने का रास्ता नहीं मिला तो उम्मीद धीरे-धीरे बेबसी में बदल गई। हालात ऐसे बने कि कुछ युवाओं ने अपने भविष्य की तलाश में अपनी जान तक जोखिम में डाल दी। कोई बाउंड्री पर चढ़ा, तो कोई छत की ओर दौड़ पड़ा। यह सिर्फ एक भर्ती नहीं, बल्कि बेरोजगारी के दर्द और टूटते सब्र की कहानी बन गई।
रविवार की सुबह सतना शहर के भरहुत नगर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब अडानी सीमेंट के कार्यालय के बाहर बेरोजगार युवाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नौकरी की उम्मीद लेकर आए सैकड़ों युवाओं ने पूरे इलाके को जाम-सा कर दिया। हालात ऐसे बने कि आॅफिस परिसर के साथ-साथ बाहर की सड़क पर भी पैर रखने की जगह नहीं बची।
समय के साथ बढ़ी भीड़
दरअसल, अडानी सीमेंट की ओर से हाल ही में सीमेंट प्लांट में सीधी भर्ती को लेकर विज्ञापन जारी किया गया था। इसके तहत 1 फरवरी को भरहुत नगर स्थित कार्यालय में इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। सुबह से ही सतना ही नहीं, बल्कि कटनी, मैहर और पन्ना जिलों से भी युवा यहां पहुंचने लगे। समय बढ़ने के साथ भीड़ लगातार बढ़ती गई, लेकिन प्रवेश की कोई स्पष्ट व्यवस्था नजर नहीं आई।
घुसने के लिए जोखिम
अव्यवस्था देखकर युवाओं में बेचैनी और नाराजगी साफ झलकने लगी। घंटों इंतजार के बावजूद जब अंदर जाने का मौका नहीं मिला, तो हालात बिगड़ने लगे। कुछ युवक आॅफिस की बाउंड्री पर चढ़ गए, जबकि कई लोग पास की इमारत के सहारे छत तक पहुंचने की कोशिश करते दिखे। जान जोखिम में डालकर सीढ़ियों के रास्ते अंदर घुसने के प्रयास ने माहौल और तनावपूर्ण कर दिया।
पुलिस की भी नहीं सुनी
भीड़ और शोर-शराबे से घबराकर मोहल्ले के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस भी अचानक उमड़ी इस भीड़ को देखकर असहज नजर आई। पुलिस ने युवाओं को समझाने-बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक अव्यवस्था अपने चरम पर पहुंच चुकी थी।
जमा करने थे दस्तावेज
भर्ती प्रक्रिया में इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियर, मशीन आॅपरेटर समेत कई पद शामिल थे। युवाओं को रिज्यूमे और जरूरी दस्तावेज साथ लाने के निर्देश दिए गए थे। रोजगार की तलाश में आए इन युवाओं के लिए यह दिन उम्मीद के साथ-साथ अव्यवस्था और निराशा की तस्वीर बनकर रह गया।