राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा-लव जिहाद जैसी घटनाओं को परिवार के भीतर संवाद मजबूत कर रोका जा सकता है। जब घर और परिवार में नियमित बातचीत होगी, तो ऐसी समस्याओं पर स्वत: अंकुश लगेगा। भोपाल के शिवनेरी भवन में आयोजित स्त्री शक्ति संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने ये बात कही।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति की वजह से ये दशकों बाद हुआ कि भारत और दुनिया के सबसे शक्तिशाली मुल्क के बीच रिश्तों में दरार आया। अब ये बात अमेरिका को भी समझ आने लगी है।
झगड़ा करना हमारे देश का स्वभाव ही नहीं है। मिल-जुलकर रहना और भाईचारे को बढ़ावा देना ही हमारी परंपरा रहा है। दुनिया के अन्य हिस्से संघर्षों से भरे हालात में बने। वहां जब एक राय बन जाती है तो उसके अलावा हर विचार को अस्वीकार कर दिया जाता है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा-हर नागरिक को वोट देने का बराबर अधिकार है, लेकिन कर्नाटक, बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में रहने वाले लोगों की आर्थिक हैसियत में बहुत बड़ा अंतर है। विधान न्याय का अधिकार आर्थिक और राजनीतिक देता है। राजनीतिक अधिकार के लिए, आपको वोट देने का अधिकार दिया गया है। लेकिन यह वोट देने का अधिकार तब तक इस्तेमाल नहीं किया जा सकता जब तक मुझे आर्थिक न्याय न मिले।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाई है। भारत के स्थायी राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान की ओर परोक्ष तौर से इशारा करते हुए कहा कि भारत सीमा पार आतंकवाद और अवैध हथियार तस्करी का शिकार रहा है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान भागवत ने कहा कि यह टैरिफ भारत के बढ़ते प्रभाव के डर का नतीजा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को चीन में शंघाई सहयोग परिषद शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने एससीओ के सदस्यों के सत्र में भारत का वक्तव्य दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान दुनिया के सामने आतंकवाद का मुद्दा रखा। प्रधानमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले का भी जिक्र किया।
राम माधव ने कहा-हम सभी आरएसएस कार्यकर्ता खुश हुए, लेकिन केवल हम ही नहीं, बल्कि संगठन का समर्थन करने वाले अन्य लोग भी संतुष्ट हुए। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आया। उन्होंने कहा कि अक्टूबर से संघ अपना 100वां वर्ष शुरू करने जा रहा है और बीते 100 सालों में यह संगठन लगातार मजबूत हुआ है।
चौहान ने कहा कि अब हमें तीन तरह के योद्धाओं की जरूरत होगी टेक वॉरियर्स, इंफो वॉरियर्स और स्कॉलर वॉरियर्स। जहां टेक वॉरियर्स एआई और साइबर ताकत को इस्तेमाल कर पाएंगे, वहीं इंफो वॉरियर्स नैरेटिव्स को आकार देंगे और फर्जी सूचनाओं का मुकाबला करेंगे।
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र में पानी-पानी होना पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर आड़े हाथों लेते हुए आईना दिखाया। भारत के स्थाई प्रतिनिधि पर्वतननेनी हरीश ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को सपोर्ट करने और अपनी अर्थव्यवस्था का बेड़ा गर्क करने पर फटकार लगाई।






















