
भारत में चंद पैसों की लालच में लोग जनता की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दुनिया में बनने वाली हर तीन में से दो एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल इंसानों के इलाज के लिए नहीं, बल्कि दूध, मांस, अंडा और मछली का उत्पादन बढ़ाने में हो रहा है।