सतना जिले में जिला गौपालन, पशुधन संवर्धन, पशु क्रूरता निवारण और पशु कल्याण समितियों की संयुक्त बैठक में निर्णय लिया गया कि हर माह ब्लॉकवार गौशालाओं का रैंडम निरीक्षण होगा। जिले की 59 गौशालाओं में 15 हजार से अधिक गौवंश हैं जिनकी गिनती ऐप से सत्यापित होती है। सर्दियों में पशुओं की सुरक्षा, शेड प्रबंधन, खाद्य व्यवस्था और गौशाला स्वावलंबन पर विशेष निर्देश दिए गए। पशु कल्याण समिति की आय-व्यय रिपोर्ट और उपकरण खरीद को भी मंजूरी मिली।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 अक्टूबर 2025 को उज्जैन के तिलकेश्वर महादेव मंदिर गौशाला में गोवर्धन पूजा और विशाल गौ-अन्नकूट में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति हमें प्रकृति से जोड़े रखती है, और सही मायनों में दीपावली तभी सार्थक होगी जब किसान और गौ-वंश उन्नत होंगे
मध्यप्रदेश सरकार ने आवारा मवेशियों की समस्या से निपटने के लिए ‘स्वावलंबी गौशाला योजना’ शुरू की है। इसके तहत प्राइवेट कंपनियों को 125 एकड़ जमीन 30 साल की लीज पर दी जाएगी। 5 हजार आवारा मवेशियों की देखरेख अनिवार्य होगी, साथ ही डेयरी, उत्पाद विक्रय और 5 एकड़ भूमि का व्यावसायिक उपयोग की अनुमति भी मिलेगी।
सतना जिले में आवारा गौवंश की समस्या खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम। उचेहरा विकासखंड के बांधी मौहार में 127 एकड़ जमीन पर बनेगा पहला गौ-अभयारण्य, जहां 5 हजार गौवंश की सुविधा होगी। दुर्घटनाएं और किसानों की परेशानी होगी कम।
नईगढ़ी क्षेत्र में आवारा मवेशियों ने किसानों की नींद उड़ा दी है। खेतों की फसलें बर्बाद हो रही हैं और लगभग 40% किसान खेती से मुंह मोड़ रहे हैं। सरकार की गौशाला योजना अधर में लटकी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंचायतों को सामाजिक-आर्थिक उन्नयन का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, जल संरक्षण, गौशाला प्रबंधन और स्व-सहायता समूहों को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। जानें बैठक की पूरी जानकारी और मुख्य घोषणाएं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड की बैठक में गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने, देसी नस्ल के गौपालन को प्रोत्साहित करने और गोबर-गौमूत्र से आय अर्जित करने पर जोर दिया। जानें कैसे गौशालाएं बनेंगी समृद्ध और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में देंगी योगदान।
सीधी जिले में आवारा पशुओं की भरमार से सड़कें बनीं गौशाला। राष्ट्रीय राजमार्ग 39 पर आए दिन हादसे, कई पशु घायल और मौत का शिकार। दूध बंद होते ही छोड़े जा रहे गौवंश, बैलों की उपयोगिता खत्म होने से समस्या और गंभीर। स्थायी समाधान के लिए बड़े गौ-अभ्यारण्यों की जरूरत।
सतना शहर के वार्ड 39 और 40 के बीच बजरहा टोला से गौशाला चौक तक की सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है। अधूरी सीवर लाइन परियोजना और रोड रेस्टोरेशन न होने से सड़क दुर्घटना का केंद्र बन गई है। राहगीरों की जान पर बनी है और व्यापार बर्बाद हो रहा है, पर जिम्मेदार मौन हैं।





















